गरुडा ऐप से हो रहा है इस बार मतदाता पुनरीक्षण का कार्य, गांव के नए मतदाताओं को कर रहे बीएलओ जागरूक , चिटौद में की गई जागरूकता की पहल



बालोद। युवा हर देश की भावी जिम्मेदार पीढ़ी होते हैं। बालपन से किशोरावस्था के बाद 18 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही वह राष्ट्रीय नागरिक के रूप में अपनी पहली उपस्थिति मतदाता सूची के माध्यम से करवाता है। शहर से लेकर गांव तक मतदाता पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। इस बार खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में गरुडा ऐप के जरिए यह कार्य संपादित किया जा रहा है। संबंधित शिक्षक जिनकी बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगी है वे नए मतदाताओं व पुराने मतदाताओं जिनके मतदाता कार्ड में किसी तरह का सुधार करना है उन्हें गरुडा एप के बारे में जानकारी दें रहें। इसी कड़ी में ग्राम चिटौद की निर्वाचक नामावली 2023 के भाग क्रमांक 219 एवं 220 का संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य जारी है ।

इसमें नए नाम जोड़ने, नाम काटने, नाम-स्वयं/पिता/माता/पति/पता/जन्मतिथि सुधारने, मतदाता परिचय पत्र में आधार नम्बर जुड़वाने सम्बन्धित कार्य ऑनलाइन गरुडा ऐप से किए जा रहे हैं। इस कार्य में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी गुरुर के आदेशानुसार अधिकृत रूप से वार्ड 1 से 10 हेतु सोनबती ध्रुव (बूथ लेवल अधिकारी), वार्ड 11 से 20 हेतु भारती निषाद ( बूथ लेवल अधिकारी ) लगातार गांव में अपने सम्बन्धित वार्ड में जाकर जनसंपर्क करते हुए लोगों को जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

प्राथमिक विद्यालय में लगा विशेष शिविर

एक माह तक सतत चलने वाले अभियान के लिए साप्ताहिक अवधि में रविवार को विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें गाँव के युवा हर्षित तिवारी, रीतेश्वरी ठाकुर, संजना साहू ने अपना नाम फार्म 6 के माध्यम से जुड़वाया । इसी तरह से गैंदा बाई फुटान, तन्नु निषाद एवं कृष्णकुमार कामता की मृत्यु उपरांत उनके परिवार के माध्यम से फार्म 7 हेतु आवेदन लेते हुए नाम काटने की प्रक्रिया पूरी की गई । शिविर स्थल पर बूथ लेवल अधिकारी, अभिहित अधिकारी सहित गाँव के अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार तिवारी, ग्रामीण ब्रह्मा निषाद, यमित कुमार निषाद एवं पलक साहू की भी उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।

गरुडा एप के माध्यम से लिया जा रहा ऑनलाइन आवेदन

शासन के आदेशानुसार अभिहित अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे विद्यालय के सहायक शिक्षक ईश्वरी कुमार सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि नए आवेदक का नाम जोड़ने के लिए फार्म 6 में, नाम हटाने के लिए फार्म 7, विविध जानकारी के संशोधन के लिए फार्म 8 तथा मतदाता सूची से आधार नम्बर लिंक करने के लिए फार्म 6(बी) का उपयोग किया जा रहा है। इस बार शासन से प्राप्त प्रशिक्षण के अनुसार ऑफलाइन कार्य में कागजी फ़ार्म के स्थान पर शासकीय निर्वाचन विभाग के सॉफ्टवेयर गरुडा एप में आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। आवेदक की उपस्थिति में उनके शैक्षणिक अंकसूची, आधार कार्ड इत्यादि से प्रमाणित जन्मतिथि के आधार पर तत्काल मोबाईल से फोटोग्राफ्स लेकर नाम, सम्बन्धी नाम, आधार नम्बर, मोबाईल नम्बर, मकान नम्बर, गली का नाम, गाँव, पोस्ट ऑफिस, पिन कोड की प्रविष्टि की जा रही है। जन्मतिथि एवं पता की पुष्टि के लिए आवेदक के द्वारा स्वप्रमाणित दस्तावेज, फार्म 7 में मृत्यु के कारण नाम काटने हेतु मृत्युप्रमाण पत्र की छायाप्रति भी अपलोड की जा रही है। स्वस्थ और सुदृढ लोकतंत्र में जागरूक मतदाता तथा सक्रिय बूथ लेवल अधिकारी ही इसके मजबूत आधार स्तंभ होते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इन दोनों की सहभागिता से वोट बनने से पूर्व की प्रकिया का सरलीकरण किया जाए। चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए वोटर हेल्पलाइन और बीएलओ के लिए गरुड़ एप का निर्माण किया है। यह दोनों एप वोट निर्माण और उससे जुड़ी अन्य सेवाओं में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

निर्वाचन आयोग की पहल

वोटर हेल्पलाइन के माध्यम से कोई भी नागरिक निर्वाचन से संबंधित विभिन्न जानकारियां, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने अथवा संशोधन कराने के लिए फार्म-6, 7, 8 और 8 ए आदि के लिए आनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके अतिरिक्त अपने मतदान केंद्र की लोकेशन की जानकारी, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का विवरण, मतगणना परिणाम से जुड़ी जानकारी इस एप के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। साथ ही निर्वाचन संबंधी कोई भी शिकायत आनलाइन माध्यम से कर सकते है। वहीं दूसरी ओर गरुड़ एप के माध्यम से बीएलओ द्वारा वोटरों की समस्या को दूर करने व उनके आवेदन को आन द स्पाट आनलाइन करने का कार्य भी सुगमता से किया जा रहा है।

ये फायदे हुए

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने व सुधार आदि के लिए प्रपत्र 6, 7, 8 या 8 (क) में आवेदन देना होता है। ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद अधिकतर लोग अपने बूथ पर बीएलओ को हार्ड कॉपी में आवेदन जमा करते थे। ऐसे में निर्वाचन आयोग के पेपर लेस व्यवस्था के तहत गरुड़ मोबाइल ऐप एक बेहतर कदम है।
इस ऐप के माध्यम से बीएलओ को अब ऑफलाइन कागज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। बीएलओ ऑनलाइन आवेदन सबमिट कर सकेंगे। वहीं, ऑनलाइन व ऑफलाइन आए आवेदन को कार्यालय की ओर से वेरिफिकेशन के लिए हार्ड कॉपी दिया जाता था, मगर अब इस ऐप के शुरू होने से इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

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