एसपी ने कहा जल्द ही महिला कमांडो को 100- 100 के बैच मे आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी देंगे
बालोद। लगातार 22 वर्ष से जन जागरूकता के लिए अभियान चला रहे महिला कमांडो द्वारा नए साल पर नए थीम पर नई शुरुआत करते हुए इस बार भी शिक्षा दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम विश्व शांति हेतु रखा गया था। आयोजन का 22 वां वर्ष था। एक ही दिन में एक ही समय में अपने अपने गांव में अपने-अपने घरों के सामने शाम 6 से रात्रि 8 बजे के बीच महिला कमांडो ने दीप जलाकर नए साल का स्वागत किया तो वही कोरोना और नशा मुक्ति के लिए हर संभव प्रयास करने, जिला बालोद को नशा मुक्त बनाकर ही दम लेने का संकल्प लिया।

मुख्य आयोजन गुंडरदेही में हुआ। जहां 15 गांव की 105 महिला कमांडो ने प्रतिनिधित्व किया। एक साथ दीपक जलाया गया। इस आयोजन में जिले के पुलिस कप्तान एसपी सदानंद कुमार भी शामिल हुए। जिन्होंने महिला कमांडो का हौसला बढ़ाते हुए निर्भीकता पूर्वक कार्य करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिला कमांडो निस्वार्थ भाव से जो कार्य समाज सुधार हेतु कर रही है बहुत ही सराहनीय है। समिति द्वारा शिक्षा दीप, ग्राम स्वरोजगार, सामाजिक बुराइयों को खत्म करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कोरोना से मुक्ति हेतु दीप प्रज्वलित किया गया। ऐसे आयोजन समाज को एक नया संदेश प्रदान करता है। आने वाले समय में महिला कमांडो को 100-100 के बैच में आत्म सुरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष पद्मश्री शमशाद बेगम ने कहा कि शिक्षा दीप प्रज्वलन का यह 22वा वर्ष है। जिसे नई थीम शिक्षा, स्वरोजगार व कोरोना से मुक्ति हेतु बालोद जिले के सभी ग्रामों में महिला कमांडो व ग्रामवासियों द्वारा प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। साथ ही उपस्थित महिला कमांडो को संकल्प भी दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एसपी श्री कुमार के साथ एचडीएफसी बैंक के मैनेजर अमित सिरके, निकहत परवीन, भारती वर्मा सहित सहयोगी जन कल्याण समिति से रफीक खान व 15 गांव की महिला कमांडो मौजूद रहीं। इसी दौरान विभिन्न गांव में जहां-जहां महिला कमांडो सक्रिय है, उन लोगों ने भी दीप जलाए।

भारत का नक्शा बनाकर जलाये दीपक
वनांचल ग्राम तुमड़ीकसा में तो भारत और छत्तीसगढ़ का नक्शा बनाकर उन्हें मिट्टी के दीयों से सजाकर रोशन किया गया। गांव में दिवाली जैसा माहौल था। महिला कमांडो सहित गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने इस आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विगत कई वर्षों से इसी थीम पर रंगोली सजाकर ग्रामीण यहां नए साल में दीप जलाते हैं।
2001 से हुई थी इस पहल की शुरुआत
सहयोगी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष शमशाद बेगम व सचिव रफीक खान ने बताया कि नव वर्ष में 2022 में हमने संकल्प लिया कि हम स्वच्छ मन से स्वच्छता को अपनाएंगे, गंदगी ना स्वयं करेंगे ना हीं करने देंगे और जिला बालोद को नशा मुक्त जिला बनाकर ही दम लेंगे। महिला उत्थान हेतु सतत प्रयासरत रहेंगे। अपनी बेटियों को पूरा मान सम्मान और सुरक्षा देंगे। ग्राम स्वरोजगार के नित नए अवसर पर विश्व शांति हेतु अमूल्य योगदान देंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत सन 2001 में हुई थी। जब सारा विश्व आतंकवाद की आग में झुलस रहा था। चारों ओर अशांति व्याप्त थी।

हथियारों की होड़ लगी हुई थी। अमेरिका जैसे ताकतवर राष्ट्र भी बौना साबित हो रहा था। ऐसी परिस्थिति में स्वयं सहायता समूह की हमारी बहनों ने प्रार्थना को ही सफल माध्यम मानते हुए अपने-अपने घरों के सामने दीये जलाएं तथा प्रार्थना सभा का आयोजन कर पूरे विश्व के लिए शांति की कामनाएं की थी। इस कार्यक्रम में अपने-अपने गांव में अपने घरों के सामने दीये जलाकर आयोजित किया जाता है। सभी गांव की महिला कमांडो सहित लोगों, स्व सहायता समूह संयुक्त देयता समूहों से अपील की गई थी कि वे अपने क्षेत्र व गांव में प्रत्येक घर के सामने 10-10 दीये जलाकर प्रार्थना सभा कर इस पुनीत कार्य के सहभागी बने। जिसमें कई गांव की महिलाओं ने हिस्सा लिया।
