
बालोद। बालोद ब्लाक के ग्राम पीपरछेड़ी में धान खरीदी के पहले टोकन कटवाने के लिए सोमवार को ऐसी भगदड़ मची कि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जिसमें अधिकतर महिलाएं हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। तो यह सोसाइटी की व्यवस्था का पोल खोल रही है। किसानों ने भी जमकर हंगामा किया है। लगभग एक से डेढ़ घंटे तक समिति के दफ्तर के सामने भी हंगामा हुआ। वहीं घायलों को गांव के अस्पताल में भर्ती करवा करवाया गया है। जहां उनकी स्थिति ठीक है। एक महिला को प्राइवेट अस्पताल रेफर किया गया है। घटना सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच है। किसान धान बेचने टोकन कटवाने की जल्दबाजी में अपना नंबर पहले लाने रात से ही ऋण पुस्तिका लेकर सोसायटी के बाहर डटे थे। गेट खुला तो सब्र भी टूटा और किसान दौड़ने लग गए। इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे और एसपी सदानंद कुमार भी मौके पर पहुंचे व मामले की संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। प्रबंधक व अध्यक्ष से भी बारी-बारी से बात हुई और इस भगदड़ का कारण जाना गया। कलेक्टर महोबे ने बताया कि लापरवाही तो हुई है। समिति प्रबंधक द्वारा गेट को बंद कर दिया गया था और ऐसे में बाहर करीब 250 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और जैसे ही गेट खोले गए लोग दौड़ने गए। इसी बीच कुछ लोग भगदड़ में घायल हो गए। प्रबंधक के खिलाफ आगे की कार्रवाई जिला सहकारी बैंक के माध्यम से होगी। संबंधित अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिया गया है।
ऐसा था माहौल
समिति प्रबंधन का कहना है कि हमने आसपास के सभी 4 गांवों के किसानों को कार्यालय समय में टोकन कटवाने के लिए बुलाया था। किसानों के बीच खड़े कुछ असामाजिक तत्व ने भगदड़ मचाया। इधर किसानों द्वारा समिति प्रबंधन को दोषी ठहराया गया। किसानों ने कहा कि ऊपर से गेट बंद रखा गया था और तो और सरकार इस बार देर से धान खरीदी शुरू कर रही है। हर किसान को धान बेचने की जल्दबाजी है। इस वजह से गेट खोलते ही किसान दौड़ पड़े। पर इस भीड़ में महिलाएं भी सामने ही थी। वे दौड़ न सकी और पीछे आ रही भीड़ उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ गए। ज्यादातर महिलाओं को चोट आई , कुछ पुरुष किसान भी घायल हुए हैं।
इधर भाजपा किसान मोर्चा ने की कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी, घायलों को 10 लाख मुआवजे की मांग

वहीं इस घटना पर भाजपा किसान मोर्चा ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष तोमन साहू ने मामले में किसानों को 10 लाख मुआवजा राशि देने व कलेक्ट्रेट घेराव करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि
पीपरछेड़ी सहकारी सोसायटी केंद्र में किसानों के साथ हुई उक्त घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली और कुप्रबंधन के कारण यह घटना हुआ है। धान खरीदी की व्यवस्था में भूपेश सरकार की नाकामी का कारण है कि किसानों के धान खरीदी में 1माह की देरी करना उसके बाद भी किसानों के प्रति सिर्फ राजनीति करनी वाली भूपेश सरकार अब तक उचित व्यवस्था खरीदी की लेकर नही बना पाई है। धान खरीदी जब 1 माह देरी से करना था तो किसानों टोकन का वितरण सिर्फ 1 सप्ताह पहले क्यों किया जा रहा है। दिसम्बर में किसानो का धान बारिश से प्रभावित हुआ, फिर बारदाने की व्यवस्था में नाकामी अब किसानों को धान बेचने में अव्यवस्था से मानसिक रूप से मारने की तैयारी है। भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष तोमन साहू ने पीपरछेड़ी सोसायटी केंद्र में घायल प्रत्येक किसानों को 10 लाख राहत मुआवजे की मांग किया है। उन्होंने कहा वरना बालोद जिला के प्रत्येक सोसायटी केंद्रों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जल्द ही बालोद कलेक्ट्रेट की घेराव भी किया जाएगा ।
