ब्रेकिंग- पत्नी को घर में रखने पर इस बेटे ने बेरहमी से बाप को जलाया था जिंदा,बालोद के जज ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, पढ़िए कहां का है मामला?



बालोद। बाप को जिन्दा जलाने वाले पुत्र को आजीवन कारावास हुआ है। मनोज सिंह ठाकुर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी कन्हैया राम रावटे पिता चिंताराम रावटे, उम्र-40 वर्ष, निवासी -मंडलपारा अछोली, पुलिस चौकी संजारी, थाना डौण्डीलोहारा, जिला-बालोद को धारा 302 भा.दं.सं. के अपराध में आजीवन कारावास व 500/- रूपये के अर्थदण्ड दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर 30 दिन का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।प्रकरण अतिरिक्त लोक अभियोजक छन्नू लाल साहू के अनुसार दिनांक 13 अप्रैल .2019 को सुबह करीब 10:20 बजे ग्राम अछोली में अपने घर के पास गली में अभियुक्त कन्हैयाराम उसके पिता चिंताराम व उसकी मां हेमिनबाई आपस में वाद-विवाद हो रहे थे और एक-दूसरे को गाली-गलौच कर रहे थे। अभियुक्त कन्हैयाराम अपने पिता को यह कहते हुए लड़ाई-झगड़ा कर रहा था कि वह उसकी पत्नी कविता को घर में क्यों रखा हुआ है, वह उसे घर से भगा क्यों नहीं देता। इसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा करते हुए अभियुक्त कन्हैयाराम अपने पिता को आज नहीं छोडूंगा कहते हुए अपने घर के अंदर गया और वहां से डिब्बे में रखा पेट्रोल तथा माचिस को लेकर आया एवं अपने पिता के ऊपर उस पेट्रोल को डालकर माचिस से आग लगा दिया। चिंताराम को जलता देख वहां पर गांव के लोगों ने पहुंचकर आग को बुझाए। चिंताराम रावटे को जली हुई गंभीर अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डौण्डीलोहारा ले जाया गया, जहां से रिफर किये जाने पर उसे उसी दिन ही जिला अस्पताल राजनांदगांव ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। थाना डौण्डीलोहारा द्वारा अपराध क. 52/2019 पर धारा 302 भा.दं.सं. का प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर प्रकरण विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। धारा 357- क दं.प्र.सं. के प्रावधान अनुसार चिंताराम रावटे के आश्रितों को छ.ग.शासन द्वारा निर्मित पीडित क्षतिपूर्ति योजना 2011 के अनुसार प्रतिकर राशि दिलायी जाने का आदेश भी पारित किया गया।

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