बालोद। आमतौर पर कई गांव में शीतला, दंतेश्वरी व अन्य इष्ट देवी देवताओं का मंदिर अलग-अलग स्थानों पर रहता है। पर बालोद जिले में एक ऐसा गांव भी है, जहां पर मां दुर्गा के तीन रूपों की आराधना एक ही जगह पर होती है। इनका संयुक्त एक ही मंदिर है और इस नवरात्रि पर इस जगह का महत्व भी बढ़ जाता है। बात हो रही है गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम सिर्राभांठा की।जहां पर एक संयुक्त मंदिर है और इस जगह पर त्रिदेवी त्रिमूर्ति मां शीतला, दंतेश्वरी और खप्पर वाली की आराधना होती है। ग्रामीणों द्वारा दानदाताओं के सहयोग से आकर्षक मंदिर का निर्माण किया गया है।

जहां विगत कई वर्षों से नवरात्रि मनाई जा रही है। तो वहीं 28 साल से यहां जोत जल रहा है।इस बार यहां जय शीतला मां समिति ग्राम सिर्राभांठा के तत्वाधान में 118 जोत जलाए गए हैं। आस्था की भीड़ यहां उमड़ती है। आसपास गांव के लोग भी यहां अपनी मन्नत के साथ जोत जलाते हैं। इस मंदिर के ठीक सामने भगत बाबा का स्मारक भी है। मान्यता है कि लोग यहीं पर मनोकामना मांगते हैं और पहली आराधना भगत बाबा की ही होती है। जिसके बाद देवी पूजा होती है। किवंदती है कि यहां पर भगत बाबा के प्रताप से हैजा ठीक हो जाता है।

पास में एक तालाब है। जिसका पानी साफ होता था। भगत बाबा जो कि एक इंसान ही थे लेकिन चमत्कारी व्यक्ति थे। जो वर्षों पहले यहां आए थे और इसी तालाब के पास शरण लिए थे। तालाब का पानी साफ होता था। लोग इस पानी को पीते भी थे। भगत बाबा तो नहीं रहे पर उनका स्मारक यहां बनाया गया है। जहां पर लोग पूजा पाठ करने के लिए जुटते हैं। और यही नारियल चढ़ाकर दुर्गा और भगत बाबा दोनों से मनोकामना मांगते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई मन्नत पूरी होती है।

मंदिर परिसर में शंकर और हनुमान की मूर्तियां भी स्थापित की गई है। खास बात यह है कि किल्लेकोड़ा की पहाड़ियों से एक ही पत्थर को तराश कर बनाई गई मूर्तियां यहां स्थापित की गई है। जिससे यहां की महत्ता और बढ़ जाती है।
जोत कक्षा का आकर्षक निर्माण किया गया है। तो वही दानदाताओं ने मंदिर को सजाने संवारने में भी कोई कमी नहीं की है। धीरे-धीरे इस मंदिर की ख्याति गुंडरदेही और बालोद ब्लॉक के गांव में फैलने लगी है।दूर-दूर से लोग यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। माता सेवा में जुटे समिति के अध्यक्ष खेमलाल सिन्हा,कोषाध्यक्ष बलि राम साहू, उपाध्यक्ष लालेश्वर ठाकुर, सचिव रूपचन्द जैन, सह सचिव सालिक राम ठाकुर, बैगा पुनीत ठाकुर, सदस्य सेवक बहूर सिंह साहू, हंसराम निषाद नंदराम साहू, मिथलेश नेताम, टीकाराम साहू, भगवान सिंह अंगारे, गोवर्धन साहू,भुनेश्वर साहू, शेखर ठाकुर, बरातू साहू, ग्राम विकास समिति ओमप्रकाश सिन्हा, सरपंच दानी राम सिन्हा खिलावन सिन्हा , राजेश सिन्हा , बलराम सिन्हा तेजेश्वर साहू ने बताया वर्षों पहले यहां पर एक झोपड़ी जैसा मंदिर था। जिसे नव निर्माण कर ग्रामीणों ने एक मंदिर बनाया। फिर बाद में इसका जीर्णोद्धार हुआ। लगातार ग्रामीण इस जगह को सुरक्षित व संरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। दान दाताओ के सहयोग से ग्रामीणों व कर्मचारी प्रकोष्ठ के मदद से यहां विभिन्न निर्माण हुए हैं। कर्मचारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लाला राम साहू, कोषाध्यक्ष ईश्वर बघेल शिक्षक, सचिव देवधर प्रसाद
सहित ग्राम पंचायत का सहयोग भी मिलता रहता है।
