प्रभारी प्रधानपाठक टुमन लाल सिन्हा शासकीय प्राथमिक शाला ककरेल ने की पहल
बालोद। छत्तीसगढ़ के समस्त शालाओं में शनिवार 9 अक्टूबर को राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण हेतु मॉक टेस्ट का आयोजन किया गया। इस बार कक्षा तीसरी पांचवी आठवीं और दसवीं के बच्चों का राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण 12 नवंबर को आयोजित होगा। पिछले बार इस बाबत किए गए सर्वे में यह बात भी सामने आई थी कि हमारे बच्चों को ओएमआर सीट में सही गोले में ए बी सी डी में काला रंग से भरना नहीं आता ।

जिसकी वजह से बहुत सारे बच्चों ने गलत गोलो में जवाब दे दिए या फिर एक ही प्रश्न के चार विकल्प में दो दो गोलों में काला रंग भर दिया। इससे बहुत बड़ी संख्या में बच्चों की उपलब्धि में कमी आई।
पिछले बार हमारी स्थिति अन्यर राज्यों की तुलना में सबसे नीचे थी। थोड़ा सा ध्यान देंगे तो इस बार हम सबसे ऊपर भी आ सकते हैं। और इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए प्रभारी प्रधानपाठक टुमन लाल सिन्हा शासकीय प्राथमिक शाला ककरेल ने एक नवाचार प्रस्तूत किया । जिसे नाम दिया गया एनएसए हेतु नवाचार ।

इस नवाचार में दो प्रकार की गतिविधियों को शामिल कर बच्चों को सही तरीके से गोला लगाने व जल्द गोला भरने पर बल दिया गया । इसके लिए उन्होंने एक प्रतियोगिता का आयोजन किया । पहली गतिविधि सही तरीके से व जल्द गोला भरो प्रतियोगिता का आयोजन किया । जिसमें 10 मिनट के अंदर ओएमआर शीट में सबसे ज्यादा सही तरीके से जल्द गोला भरने पर जोर दिया गया और दूसरी गतिविधि में ओएमआर शीट के गोलों को मिलान कर चित्र बनाओ प्रतियोगिता प्रतियोगिता का आयोजन किया ।

इन दो प्रकार की नवाचार के पश्चात बच्चों ने बिल्कुल सही तरीके से गोला लगाना व जल्द गोला भरना की दक्षता प्राप्त कर ली । गोला भरने की दक्षता हासिल करने के बाद वे इन गोलो से खेलते हुए चित्र बनाने लगे । यह नवाचार पूर्ण रूप से सफल रहा । इन दोनों गतिविधियों में निर्णायक के रूप में भीखम सिंह यादव, सहायक शिक्षक ने अपनी महती भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में रितेश कुमार कक्षा पांचवी ने सही तरीके व जल्द गोला भरो प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया इसी प्रकार कु. नेहा कक्षा तीसरी ने गोलो के माध्यम से चित्र बनाकर सबका मन मोह लिया ।
इस नवाचार के प्रदर्शन के अवसर पर संकुल के संकुल समन्वयक जैलेन्द्र रामटेके उपस्थित रहे । उन्होंने इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए नवाचारी शिक्षक प्रभारी प्रधानपाठक टुमन लाल सिन्हा को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और अपने संकुल के अन्य शालाओं में भी इस प्रकार की आयोजन के लिए निर्देशित किया ।