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दल्ली के रहने वाले युवक की नक्सलियों ने की नारायणपुर में हत्या, अंतिम संस्कार के लिए गृह नगर लाया गया शव

बालोद/ नारायणपुर। नारायणपुर जिले में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बन रहे सड़क कार्य में ठेकेदार के अधीन मुंशी गिरी का काम करने वाले मूल रूप से दल्ली राजहरा रेलवे कॉलोनी के रहने वाले संदीप जाना की गुरुवार को नक्सलियों ने हत्या कर दी है।

मामले की स्थानीय पुलिस जांच कर रही है। वही पीएम के बाद शुक्रवार को संदीप जाना का शव गृह नगर दल्ली राजहरा लाया गया। संदीप जाना के पिता का देहांत पूर्व में हो चुका है। वह अपनी मां के साथ दल्ली में रहता था। विगत दो-तीन साल से नारायणपुर में ठेकेदार के अधीन मुंशी का काम करता था। संदीप की शादी भी नहीं हुई थी। उससे छोटा एक और भाई है। इस घटना के बाद से दल्ली राजहरा में उनके परिचितों के बीच शोक का माहौल है।

बता दें कि दल्ली राजहरा के कई लोग काम की तलाश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जाते हैं और अलग-अलग ठेकेदारों के अधीन काम करते हैं। संदीप भी रोजगार की तलाश में नारायणपुर में शिफ्ट हुआ था। और एक ठेकेदार के अधीन मुंशी का काम करता था। लेकिन उसे क्या पता था कि एक दिन यह काम की तलाश उसे मौत की ओर ले कर लेगी और नक्सलियों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

नक्सलियों द्वारा सड़क निर्माण का विरोध किया जा रहा है। इसके बाद भी काम करवाए जाने से नाराज होकर नक्सलियों ने मुंशी संदीप जाना की हत्या कर दी। तो वहीं नक्सलियों ने एक जेसीबी मशीन को भी आग के हवाले किया है। पुलिस के मुताबिक नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने गुरुवार रात जमकर उत्पात मचाया है। सड़क निर्माण करवा रहे मुंशी की गला रेत कर हत्या कर दी वहीं निर्माण कार्य में लगी जेसीबी और ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों में आग लगा दी। वारदात के बाद सड़क निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है। नक्सलियों के आमदई एरिया कमेटी ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है। घटना छोटे डोंगर थाना क्षेत्र की है।


नक्सल प्रभावित इलाके मढ़ोनार में करीब ढाई करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों की वेशभूषा में नक्सली वहां पहुंच गए। नक्सलियों ने पहले मुंशी संदीप जाना की जमकर पिटाई की और फिर मजदूरों के सामने ही उसका गला रेत कर मार डाला। नक्सली पहले भी इस सड़क के निर्माण कार्य को बंद करने की चेतावनी दे चुके थे।

फेंके पर्चे, कहा- निर्माण कार्य बंद करें

इस घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने जगह-जगह पर्चे भी फेंके हैं। पर्चे में लिखा है- सड़क निर्माण कार्य बंद करवाने के लिए पहले भी ठेकेदार व मुंशी को चेतावनी दी गई थी, लेकिन फिर भी लगातार जोर-जबरदस्ती से सड़क निर्माण का काम करवाया जा रहा था। इसे तत्काल बंद किया जाए।

बिना सुरक्षा के चल रहा था सड़क निर्माण का काम

बताया जा रहा है कि, नक्सल प्रभावित इलाके मढ़ोनार में बिना सुरक्षा के काम चल रहा था। हालांकि इसके अलावा जितनी जगहों पर भी निर्माण काम हुए हैं, वो पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच ही हुए हैं। कुछ दिनों पहले नक्सल ऑपरेशन के स्पेशल डीजीपी ने भी बैठक लेकर विकास कार्यों में सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। बावजूद मढ़ोनार में सड़क निर्माण के दौरान एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं थे।

महीने भर पहले भी एक सुपरवाइजर की हुई थी हत्या

छोटे डोंगर थाना क्षेत्र में आमदई घाटी इलाके में स्थित निको जायसवाल कंपनी की लौह अयस्क खदान में एरिया डेवलपमेंट कार्य किया जा रहा था। इस बीच अचानक माओवादी इलाके में पहुंचे और फारिंग शुरू कर दिए थे। साथ ही माओवादियों ने कार्य में लगी एक जेसीबी सहित कुल 4 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इसके अवाला एक सुपरवाइजर की भी नक्सलियों ने हत्या की थी।

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