प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता हटी, पहली बार कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई डीएमएफ समिति की बैठक, देखिये क्या-क्या हुआ बालोद में



खनिज न्यास निधि समिति की बैठक में शामिल हुई विधायक संगीता, फंड के सदुपयोग को लेकर रखी बात

इधर मंत्री प्रतिनिधि पियूष सोनी बीएसपी के अफसरों से हुए नाराज

बालोद

प्रभारी मंत्री का डीएमएफ समिति से अध्यक्ष प्रभार हटने के बाद पहली बार कलेक्टर की अध्यक्षता में खनिज न्यास निधि समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में हुई ।जहां पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे के अलावा सदस्य के रूप में सांसद मोहन मंडावी, विधायक संगीता सिन्हा, मंत्री प्रतिनिधि पियूष सोनी सहित अन्य सदस्य गण शामिल हुए। इस बैठक में डीएमएफ के सदुपयोग को लेकर चर्चा हुई। वही खनन प्रभावित क्षेत्रों में शासन के निर्देशों के मुताबिक 60% राशि खर्च करने को लेकर प्रस्ताव किया गया। विधायक संगीता सिन्हा ने बैठक में अपने विधानसभा क्षेत्र से आवास से संबंधित आए 7000 आवेदनों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। जिस पर अधिकारियों द्वारा पूरी जानकारी बनाकर पेश की जाएगी। विधायक ने कहा कि नए आवेदन जो आए हैं उन पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरतमंदों को आवास मिलना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने डीएमएफ का शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपयोग करने के लिए जोर दिया। कलेक्टर ने भी कहा कि स्कूलों में जहां-जहां भी जर्जर स्थिति है या मरम्मत की स्थिति पैदा हो गई है वहां पर प्रस्ताव मंगाया जाए और उन कार्यों को पूरा करने के लिए खनिज न्यास निधि का इस्तेमाल किया जाएगा। तो वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी इससे पर्याप्त सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। ज्ञात हो कि पहले खनिज न्यास निधि समिति के अध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री होते थे। लेकिन केंद्र शासन द्वारा इसमें फेरबदल करते हुए स्थानीय कलेक्टर को अभी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है तो वहीं अन्य जनप्रतिनिधि इस समिति के सदस्य हैं। प्रभारी मंत्री का अध्यक्ष प्रभार हटाए जाने के बाद पहली बार कलेक्टर की अध्यक्षता में उक्त बैठक हुई।

मंत्री प्रतिनिधि हुए बीएसपी के अफसरों पर नाराज

बैठक में मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी दल्ली राजहरा बीएसपी से जुड़े अफसरों पर नाराज हुए। उन्होंने वहां पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रैफिक सिग्नल के आश्वासन का मुद्दा उठाया। मंत्री प्रतिनिधि सोनी ने कहा कि बीएसपी द्वारा दल्ली राजहरा में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक सिग्नल लगवाने की बात कही गई थी। 2 साल हो गए इस बात को लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लगातार हादसे हो रहे हैं। यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। इस पर अफसरों से जवाब मांगा गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा फंड दिए जाने की बात पर भी बैठक में सहमति बनी।

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