बालोद। दिल्ली चंडीगढ़ की तर्ज बालोद जिले में भी पेट्रोल पंपों में अब इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए मशीन लगने का काम शुरू हो गया है। इस सुविधा की शुरुआत सबसे पहले बालोद ब्लाक के टेकापार स्थित गीता फ्यूल्स और धनोरा के पुलिस पेट्रोल पंप में हुई। जहां टेकापार में उक्त मशीन का उद्घाटन प्रदेश सचिव आदिवासी कांग्रेस छत्तीसगढ़ बीआर नेताम ने किया। इस दौरान नागरिक व डीलर चंद्रकात नेताम सहित अन्य प्रमुख मौजूद रहे। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा उक्त मशीन की स्थापना की गई है। वर्तमान में जिले में मात्र दो पेट्रोल पंप में इसे लगाया गया है। इस मशीन का नाम इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन रखा गया है। जहां पर इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को चार्जिंग किया जा सकेगा। यानी लोग यहां पेट्रोल डलवाने नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों में बिजली डलवाने ( चार्ज) करने के लिए पहुंचेंगे। एक बाइक को चार्ज करने में 15 से 20 मिनट लगेंगे। अभी चार्ज शुल्क कितना लिया जाएगा तय नहीं है। सभी डीलरों को कंपनी के माध्यम से मंगलवार को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें इसके संचालन व्यवस्था व शुल्क को लेकर दिशा निर्देश जारी होगा। ज्ञात हो कि लगभग 1 माह पहले देश का पहला इलेक्ट्रॉनिक वाहन चार्जिंग स्टेशन चंडीगढ़ दिल्ली रोड में खुला है। जहां पर 250 किमी लंबी हाईवे पर 19 चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इसके बाद इसे अन्य राज्यों में भी विस्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी चुनिंदा पेट्रोल पंपों में यह मशीन लगाया जा रहा है। इसमें बालोद जिले में भी इसकी शुरुआत हो गई है।
जानिए इस मशीन की खासियत, जनता को कैसे होगा लाभ
(विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर) – हर माह 6000 से 9000 रुपए बचत संभव
ईवी के क्या फायदे हैं?
इलेक्ट्रिक वाहन चलाना पेट्रोल-डीजल ही नहीं, सीएनजी से भी सस्ता है। ये बहुत कम प्रदूषण फैलाते हैं।
ईवी की उपलब्धता और लागत क्या है?
टू-व्हीलर में कई ऑप्शन हैं। कारों में फिलहाल दो-तीन ब्रांड हैं। ईवी टू-व्हीलर के दाम पेट्रोल वाहन के बराबर हैं। कारें पेट्रोल-डीजल की तुलना में महंगी हैं।

ईवी पर कितनी सब्सिडी है?
केंद्र सरकार फेम टू स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 15 हजार रु./किलोवाट बैटरी के हिसाब से प्रोत्साहन देती है। 3 किलोवाट बैटरी वाले टू-व्हीलर पर 45,000 रुपए तक सब्सिडी मिल सकती है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली 10-20 हजार रु. तक अतिरिक्त सब्सिडी दे रहे हैं। कारों पर 10 हजार रु./किलोवाट बैटरी क्षमता के हिसाब से 1.5 लाख रु. तक सब्सिडी है।
राेज 50 किमी ईवी चलें तो कितनी बचत?
ईवी चलाने की लागत 1 से 1.25 रुपए किमी आती है। 50 किमी चलाने पर 50-70 रुपए खर्च होगा। पेट्रोल गाड़ी में यह 250-350 रुपए होता है। ऐसे में हर माह 6000 से 9000 रु. बचत संभव है।
चार्जिंग के लिए अलग कनेक्शन लेना होगा?
ईवी बेचने वाली कंपनियां ग्राहक के घर पर चार्जिंग यूनिट इंस्टाल करती हैं। अलग कनेक्शन की जरूरत नहीं होती।ईवी चार्ज होने में कितना समय लगता है?
घरों में वाहन चार्ज करने पर 8-10 घंटे लगते हैं। कमर्शियल या फास्ट चार्जिंग स्टेशन में समय 1 से 1.5 घंटा लगता है। सौर चार्जिंग स्टेशन पर ई-कार की फास्ट चार्जिंग दो घंटे से कम समय में हो जाती है। 400 से 450 रुपए खर्च आता है। टू-व्हीलर काे 20 मिनट में चार्ज कर सकते हैं। इस पर 50 रुपए खर्च हाेंगे।