BalodBreaking- हाथियों के दल ने ले ली एक और जान, 48 साल के ग्रामीण की मौत, पढ़िए मामला, वजह लापरवाही है या कुछ और?



बालोद/दल्ली राजहरा। दल्ली व डौंडी रेंज के बीच अड़जाल व जमही के बीच जंगल में हाथी दल के द्वारा 48 साल के युवक संतोष भुआर्य को कुचल दिया गया है। जिससे उसकी मौत हो गई है। घटना कल शाम 6 बजे की बताई जा रही है। इसकी जानकारी आज सामने आने के बाद वन विभाग अमला अलर्ट हो गया है। डीएफओ मयंक पांडे ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। स्पॉट पर पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि मृतक हाथी देखने के लिए आया हुआ था। इस दौरान हादसा हुआ है। आगे की जांच अभी चलेगी। सूचना मिलने के बाद टीम सहित रवाना हो गए हैं। इधर कुसुमकसा के जनपद सदस्य संजय बैस ने वन विभाग से घटना की जांच कर मुआवजे की मांग की है।

घटना की वजह लापरवाही या कुछ और

इधर ये सवाल बना हुआ है कि लगातार हाथी दल जिले में सक्रिय हैं। जंगलों, खेतों के अलावा गांव में भी उत्पात मचा रहे हैं। तो वहीं हाथियों से कुचले जाने की
डौंडी दल्ली इलाके में यह तीसरी घटना है। क्या इसमें स्वयं लोगों की लापरवाही है या कुछ और कारण है, यह भी जांच का विषय है। सूत्रों के मुताबिक हाथी दल को देखने के लिए ग्रामीणों में उत्सुकता थी। कुछ लोग हाथियों को भगाने के पटाखे भी फोड़ते थे। आशंका है कि इसी वजह से हाथी भड़के और उन्हें देखने के लिए आये लोगों को दौड़ाया गया होगा और यह हादसा हुआ। हालांकि अभी वन विभाग द्वारा जांच शुरू नहीं की गई है। मृतक कुरुभाट का संतोष भुआर्य बताया जा रहा है। जो अपने गांव के लोगों के साथ जमही और अड़जाल के जंगलों में हाथी देखने के लिए पहुंचा था। जब हाथियों के दल ने उन्हें दौड़ाया तो वह भागते भागते पीछे रह गया। इस बीच वह हाथियों के पैरों के नीचे आ गया और उसकी कुचलने से मौत हो गई। बता दें कि लगभग 9 माह पहले जिले के लिए लिमाउडीह गांव में भी इसी तरह की घटना में एक 17 साल के लड़के की मौत हो गई थी। डौंडी ब्लॉक के लिए लिमाउडीह की रहने वाले डोमेन्द्र धुर्वे भी हाथियों से बचकर रात को भाग रहा था और अचानक उसकी टॉर्च गिर गई। अंधेरे में उसे ढूंढते समय वह हाथियों की चपेट में आ गया और हाथियों ने उसे कुचल कर मार डाला। इसके पहले नवंबर 2020 में भी वन विभाग के ही चौकीदार पर हाथियों ने हमला किया था। जो खुर्सीटिकुर में घटना हुई थी।

हाथी के हमले से बालोद के किसान की मौत

करीब 4 माह पहले हाथियों के दल ने बालोद के एक किसान को भी मौत के घाट उतार दिया था। मूल निवास बालोद का रहने वाला भगवान सिंह कुमेटी मंगलतराई में अपने भाई के साथ रहता था। खेती किसानी करता था। इस दौरान वह शाम रात को खेत गया था। जहां हाथियों ने उसे कुचल कर मार डाला था। इस तरह देखा जाए तो हाथियों द्वारा कुचले जाने से बालोद जिले में 3 मौत हो गई। वन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करता है कि हाथियों से किसी तरह की छेड़खानी ना करें उनसे दूरी बनाए रखें। पर लोग हैं की लापरवाही भी दिखा रहे हैं। इस वजह से भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही है।

हाथियों की उपस्थिति अभी यहां है

हाथियों की संख्या – 20 – 22
संभावित,वर्तमान लोकेशन – कक्ष क्रमांक – 183 RF
परिसर – देवपांडुम, परिक्षेत्र- दल्लीराजहरा
वनमण्डल- बालोद, अलर्ट ग्राम: देवपांडुम, ककरेल, भर्रीटोला, जुनवानी, चिपरा, किल्लेकोडा, रजही, ढूटामारदी।

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