बालोद – लेख राम साहू व्याख्याता, शासकीय हाईस्कूल जमरूवा विकास खंड बालोद, जिला बालोद जिन्हें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जब पहली बार परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम हुआ तो सहभागी बने और वहां से प्रेरित होकर बच्चों को भी परीक्षा के भी से बचने मंत्र( ट्रिक) बताते हैं. इनकी कहानी भी संघर्षों से भरी है. उनका जन्म ग्राम हथौद के एक सामान्य परिवार में हुआ। पिता एक शिक्षक थे, जो कि बस्तर जिले के वनांचल क्षेत्र के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरौद में पदस्थ थे। वनांचल क्षेत्र के सुदूर गांव अरौद में ही कक्षा आठवीं तक पढ़ाई पूरी की। उस समय घर में बिजली के अभाव के कारण लालटेन की रोशनी से ही पढ़ाई करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण कॉलेज की पढ़ाई के लिए स्वयं मेहनत करके पैसा कमा कर बी. एस. सी की पढ़ाई शासकीय महाविद्यालय बालोद में पूरा किए। अपने माता पिता के प्रेरणा व मार्गदर्शन से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित सेवा तथा उत्कृष्ट कर्तव्य निर्वहन के माध्यम से विद्यालय, विद्यार्थी, समाज तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास, सृजनशीलता, नवाचारी शिक्षा, शाला सजावट, विज्ञान मॉडल, विज्ञान सेमिनार, खेलकूद, बाल सुरक्षा, बालिका शिक्षा तथा सुरक्षा, संस्कृतिक धार्मिक गतिविधियों में सराहनीय प्रयास रहता है। विज्ञान मॉडल व विज्ञान सेमिनार में मार्गदर्शक शिक्षक का दायित्व निर्वहन के फलस्वरूप उनके विद्यालय के छात्र-छात्राएं कई वर्षों से राज्य स्तर तक चयनित हुए हैं।
ये काम भी लाजवाब
शैक्षिक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रशिक्षण जैसे इंडक्शन, विषय आधारित प्रशिक्षण, जीवन विज्ञान, समावेशी , एस. एम. सी प्रशिक्षण शाला सुरक्षा, लक्ष्य वेध प्रशिक्षण ,पढ़ई तुहंर दुआर के तहत आन लाइन प्रशिक्षण आदि में कुशल मास्टर ट्रेनर्स के रूप में दायित्वों का निर्वहन करते हैं. साक्षरता अभियान के तहत निरक्षरो को साक्षर करने के लिए निशुल्क शिक्षा प्रदान कर उल्लेखनीय योगदान, सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक धार्मिक,स्वच्छता ही सेवा है, के तहत स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति उन्मूलन, वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान है। पालकों से जनसंपर्क कर शाला में शत-प्रतिशत नामांकन दिलाने, शाला त्यागी बच्चों को शाला में पुनः प्रवेश दिलाने, शिक्षण को रुचिकर बनाने उत्कृष्ट अध्यापनशैली का प्रयोग, पाठ्य क्रियाकलापों में विशेष रुचि लेकर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बदलने के लिए विशेष योगदान रहा है। कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर उपचारात्मक शिक्षा व समूह शिक्षण द्वारा अधिगम स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
यहां दरियादिली भी
आर्थिक स्थिति से कमजोर बच्चों के लिए स्वयं के व्यय से शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने में विशेष सहयोग रहता है। परीक्षा में सफलता की मूल मंत्र बता कर बच्चों में परीक्षा की भय को दूर करने का सतत प्रयास रहा है। विद्यालय की भौतिक अधोसंरचना में वृद्धि करने एस .एम .सी व समुदाय को सक्रिय किया। कैरियर गाइडेंस में अमूल्य सहभागिता रहता है फल स्वरूप विद्यालय से कई बच्चे विगत 4 वर्षों से प्रयास विद्यालय के लिए चयनित हुए हैं। उनके खास नवाचार से कोरोना काल में बच्चे कीपैड मोबाइल याने बटन वाले मोबाइल से भी बिना बैलेंस कटे पढ़ाई कर पा रहे थे, इसमें एक साथ लगभग 1000 बच्चे जुड़ सकते थे। इसके अलावा गरीब व जरूरतमंद लोगों को निः स्वार्थ भावना से निशुल्क राशन सामग्री, मास्क तथा आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
ये सम्मान इनके नाम
उन्हें 2007 में राज्य स्तर पर हमर छत्तीसगढ़ प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र, सन 2017 में भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा अब्दुल कलाम ज्ञान रत्न अवॉर्ड तथा राष्ट्रीय स्तर पर भगवान गौतम बुद्ध नेशनल फैलोशिप अवार्ड, 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा पे चर्चा 2.0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चयनित होकर नई दिल्ली में सहभागिता प्रदान किए हैं। 2019 में जिला साहू संघ बालोद द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, अक्षय शिक्षण समिति रायगढ़ द्वारा अक्षय शिक्षा प्रबोधक सम्मान, 2019 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा श्री से नवाजे गए। राज्य शिक्षक पुरस्कार (राज्यपाल पुरस्कार) 2019 हेतु चयनित हुए।
