बालोद – सुरेश कुमार दिल्लीवार,प्रभारी प्रधान पाठक,शासकीय प्राथमिक विद्यालय खपराभाट, डौंडीलोहारा ब्लाक के कृषि प्रधान गांव में शिक्षा का अलख जगाने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। जिसकी बदौलत उन्हें मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत शिक्षादूत सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है। इसके अलावा शिक्षा गौरव अलंकरण,डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम शिक्षा रत्न पुरस्कार व स्वच्छता पुरस्कार, SBI लाईफ राधाकृष्णन सम्मान, राष्ट्रीय श्रृजनात्मक चितंन कार्यशाला सम्मान सहित विभिन्न संगठनों के द्वारा पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं। वर्तमान में कृषि प्रधान गांव में गरीब बच्चों को शिक्षित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिला सहकारी बैंक की क्लर्क की नौकरी छोड़कर अपने गृहग्राम छुरा गरियाबंद से 200 किलोमीटर दूर आज बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाए हैं। उन्होंने विद्यालय व विद्यार्थियों के लिए अपना बहुत कुछ बलिदान किया है। सामान्य शाला को मॉडल स्कूल, डिजिटल स्मार्ट शाला, कम्प्यूटर प्रोजेक्टर से अध्यापन जैसे बहुत सी सुविधाएं विद्यालय को दिया है। विद्यालय को सर्व सुविधा सम्पन्न बनाने व बच्चों के उच्च शिक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहे है।
पत्नी भी शिक्षिका

पत्नी धनेश्वरी दिल्लीवार सहायक शिक्षिका विज्ञान के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवरी बंगला में अपनी सेवाएं दे रही है। वहीं बेटा गणित विषय लेकर JEE का सपना संजोकर ग्यारहवीं कक्षा में अध्ययन रत है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा विरासत मे मिली है। पिताजी भी आजीवन शिक्षक के रूप में कार्य कर सेवानिवृत्त हुए। शिक्षा का महत्व समझते हुए उन्होंने अपने घर के सभी सदस्यों को इसके लिए प्रोत्साहित किया।
