बालोद – श्रीमती कादम्बिनी लोकेश पारकर यादव, व्याख्याता, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बड़गांव, डौंडीलोहारा जिला बालोद के द्वारा शिक्षा,समाज व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनूठे कार्य किए जा रहें हैं। जिसके चलते वे एक बेहतरीन शिक्षक के साथ-साथ सक्रिय समाज सेविका के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उनका मानना है कि व्यक्ति की असली पहचान उसके द्वारा किये गए कार्यों से होती हैं. हर क्षेत्र में नवाचारी प्रयास वे करते ही रहती हैं। राज्य शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित “गुरु तुझे सलाम” कैंपेनिंग में राज्य स्तर पर बालोद जिले का प्रतिनिधित्व की थी। उनके वैसे तो बहुत सारे सराहनीय कार्य हैं, जिन्हें शब्दो में पिरो पाना असंभव सा लगता है। विभाग से अक्षय अलंकरण के अलावा स्टार एफएसआईए द्वारा सुपर वूमेन का अवार्ड सहित भावना फाउंडेशन, बिमला देवी फाउंडेशन से भी सम्मानित हो चुकी हैं। वर्तमान में भावना फाउंडेशन के तहत कार्य करते हुए कोरोना वारियर के रूप में भी सम्मानित हो चुकी हैं। आर्ट ऑफ लिविंग बालोद की भी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रहती हैं। मायके बालोद जिला के अलावा पति के कार्य क्षेत्र गोबरा नवापारा राजिम में भी अपने उक्त प्रेरक कार्यों के लिए जानी पहचानी जाती है।
नेशनल स्तर तक विज्ञान प्रोजेक्ट
उनके जरिए बालोद जिला का विज्ञान प्रोजेक्ट लगातार दो बार नेशनल स्तर पर गया। बच्चों को लगातार नेशनल स्तर तक और कई बार राज्य स्तर तक ले जाने वाली मार्गदर्शक शिक्षिका के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई है।

पर्यावरण प्रेमी के रूप में वर्तमान में बालोद जिले के चर्चित दैहान जंगल को कटने से बचाने के लिए एक सकारात्मक प्रयास भी कर रहे हैं। कोरोना काल में लोगों को मास्क बांटना, साबुन बांटना, तो जागरूकता के लिए प्रेरित करने में भी अग्रणी रहीं। पति डॉ लोकेश पारकर गोबरा नवापारा में एमओ है।

जहां पर वे लगातार कोरोना वारियर्स के रूप में सेवारत हैं तो वही पति के इस काम में भी सहभागी बनते हुए स्वयं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सेवा भाव से कार्य करती हैं। अपने हेल्पिंग व्यवहार के कारण शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की पसंदीदा शिक्षक और अपने कार्यो में दक्ष होने के कारण अधिकारियों की भी पहली पसंद हैं।
