आखिर कौन है वो शैतान? जो शिक्षा के मंदिर में करते हैं तोड़फोड़ और गंदगी



जन्माष्टमी की छुट्टी के बाद सांकरा ज स्कूल में सामने आया शरारती तत्वों का कारनामा, स्कूल में कर दिया तोड़फोड़, नलों के पाइप गायब तो कमरों में भी गंदगी

बालोद। सांकरा ज प्राइमरी व मिडिल स्कूल में जन्माष्टमी छुट्टी के दौरान शरारती तत्वों द्वारा जमकर उत्पात मचाया गया है। यहां के कई नल पाइप और वाटर हार्वेस्टिंग के पाइप को तोड़फोड़ कर दिया गया है तो कई पाइप को असामाजिक तत्व तोड़ कर घर ही ले गए हैं इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब जन्माष्टमी छुट्टी के बाद मंगलवार को स्कूल खुले।

जब शिक्षक स्कूल का ताला खोलकर अंदर आए तो देखकर हैरान रह गए। जगह-जगह तोड़फोड़ के निशान थे। पाइप गायब थे, टोटियां टूटी हुई थी इतना ही नहीं शराब की शीशियां भी यहां बरामद की गई। डिस्पोजल तक पड़े हुए थे। असामाजिक तत्वों (शैतान- शैतानी करने वाले) ने जमकर उत्पात मचाया है। तो वही प्राइमरी स्कूल में तो हद उस वक्त हो गई जब वहां शिक्षकों ने देखा कि गुटखा पाउच खाकर स्कूल के कमरों में भी थूक दिया गया है। खिड़की के जरिए यह हरकत की गई है।

बच्चों को पढ़ाने से पहले शिक्षकों ने इस घटना से दुखी होकर उक्त गंदगी को साफ किया व संबंधित पंचायतों के सरपंचों को घटना की जानकारी दी। मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक टीएस सारथी ने बताया कि अब इस घटना में कहां के लोगों का हाथ हो सकता है, कुछ कह नहीं सकते ।लेकिन जब से स्कूल के बगल में जगन्नाथपुर पंचायत के द्वारा पानी टंकी का निर्माण किया गया है वहां पर नीचे आसामाजिक व शरारती तत्वों का डेरा बना रहता है। आशंका है कि उन्हीं लोगों के द्वारा 2 दिन छुट्टी के दौरान स्कूल के बाउंड्री वॉल को फांदकर यहां घुसकर जाम छलकाया गया है और नलों में तोड़फोड़ की गई है। दोनों गांव सांकरा व जगन्नाथपुर के सरपंच को घटना की जानकारी देकर इस पर ध्यान देने की मांग की गई है

। मिडिल और प्राइमरी स्कूल दोनों ही एक ही परिसर में है और दोनों स्कूलों को बाउंड्री वॉल से घेरा भी गया है लेकिन तालाब के आसपास के इलाके से बाउंड्री वॉल आसानी से फांदकर प्रवेश किया जा सकता है और इन्हीं रास्तों से शरारती तत्व यहां प्रवेश कर जाते हैं। जब भी 2 दिन या 3 दिन की छुट्टी रहती है तो छुट्टी के बाद यहां शरारती तत्वों का उत्पात नजर आता है। इससे शिक्षक और बच्चे दोनों परेशान हैं। पानी की व्यवस्था काफी प्रभावित हो रही है क्योंकि नलों का पाइप तोड़ दिया जाता है। टोटियां चुरा कर ले जाते हैं।

वाटर हार्वेस्टिंग का पाइप हो गया गायब

शिक्षकों ने बताया कि मिडिल स्कूल में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए पाइप लगाए गए थे। पर एक पाइप तो पूरी तरह से चोरी हो गया है। तो एक पाइप को भी बीचो-बीच से तोड़ दिया गया है। सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान हुआ है। शिक्षकों ने कहा कि शाला फंड में निर्धारित राशि रहती है अगर इसी तरह से उत्पात जारी रहा तो फिर स्कूल चलाना मुश्किल हो जाएगा।

लोगों को समझना चाहिए यह स्कूल उनके बच्चों की शिक्षा केलिए है। सरकार की संपत्ति है। इसलिए इसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। पर हैरानी इस बात की है कि लगातार इस स्कूल में शरारती तत्वों का उत्पात दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है

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