द्रोण कुमार सार्वा, बहुभाषा शिक्षण के नोडल के रूप में चयनित



बालोद। बालोद जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिचबोड में पदस्थ शिक्षक द्रोण कुमार सार्वा को राज्य स्त्रोत समूह के सदस्य के रूप में चयनित किया गया है ।राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की इस वर्ष की कार्ययोजना के अनुसार बहुभाषी शिक्षण (MLE) के अंतर्गत राज्य स्रोत समूह का गठन किया गया है जो कि आगामी वर्षों में बहुभाषा शिक्षण (MLE ) पर राज्य स्तरीय अकादमिक कार्यों जैसे – पाठ्यपुस्तक में संशोधन , लेखन, गतिविधि पुस्तिका , TLM का निर्माण, जिला/ विकास खण्ड समूह के क्षमता वर्धन कार्य एवं मॉनिटरिंग जैसे अन्य कार्यों में एस.सी.ई.आर.टी. के साथ कार्य करेंगे। इस पर एस.सी.ई.आर.टी. दवारा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से तीन सप्ताह का बहुभाषी शिक्षण पर ऑनलाइन कोर्स किया जाना है l राज्य स्तर पर scert के समन्वयक डेकेश्वर वर्मा , बहुभाषा शिक्षण (MLE) के नोडल है।इससे पूर्व डाइट दुर्ग से राज्य स्तर पर नोडल के रूप में कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ के लोकपर्वों, मान्यताओं,संस्कृति और स्थानीय भाषाओं पर इनके द्वारा कार्य किया जा चुका है। द्रोणकुमार सार्वा राज्य स्तर पर प्राथमिक व माध्यमिक शाला स्तर पर शब्दकोश निर्माण,छत्तीसगढ़ी व्याकरण ,प्रशिक्षण संदर्शिका लेखन जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके है।

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