बालोद/दल्लीराजहरा- बीएसपी माइंस राजहरा में पांच लोगों की लापरवाही से एक मौत का मामला सामने आया है हालांकि घटना पुरानी है लेकिन मामले की जांच के बाद अब पवित्र कुमार मंडल डीजीएम इलेक्ट्रीकल , आर.के. सिन्हा प्रभारी दल्ली यांत्रिकी , महेन्द्र सिंह सीनियर मैनेजर , डी.के. राउतकर शिफ्ट इंचार्ज , चंद्र शेखर वर्मा सीनियर टेक्नीशियन के खिलाफ 288-IPC, 304-A-IPC, 34-IPC के तहत केस दर्ज किया गया है दल्ली पुलिस अनुसार थाना राजहरा के मर्ग क्रमांक 19/20 धारा 174 जा.फौ. की जांच पर गवाहों के कथन, जांच दौरान प्राप्त दस्तावेज एवं घटना स्थल निरीक्षण तथा अन्य संकलित साक्ष्यों में डीजीएम पवित्र कुमार मंडल के कथन एवं उनके द्वारा दिये गये धारा 91 जा.फौ. की नोटिस के जवाब में पाया गया है कि एक का बिजली पोल 10 साल लगभग से क्षतिग्रस्त था जिसको अपने विभाग प्रमुख आर. के सिन्हा तथा महेन्द्र सिंह एवं अन्य साथीयों के साथ विजिट के दौरान देखने पर उक्त क्षतिग्रस्त लोहे की पोल को वहां से हटाने हेतु कार्य योजना तैयार किया गया है। जिसमें पूरा निरीक्षणकर उक्त लोहे की पोल को, उसमे लगे 11 तार को हटाकर पोल को हुकिंग कर निचे से गैस कटर से काट कर पृथक करना था। उक्त बीएसपी के अधिकारियों द्वारा जो स्वयं तकनिकी शिक्षा से ही अपने पद पर आसीन है। ये नहीं सोंचे की जिस लोहे के डेमेज पोल को जो 10 साल से बेंड हालत मे है,जो लगभग 11 तारो से उपरी सपोर्ट से खड़ा है, 11 तार को पृथक करने पर और उसमे मजदूर को जिसको बिना योग्यता के गेट पास में लाइन मेन का दर्जा दिया गया है, को क्षतिग्रस्त पोल मे चढ़ाकर अतिरिक्त भार उस लोहे के बिजली की पोल पर दिया गया है। जिस कारण लोहा का पोल पूर्व बेंड एवं क्रेक जगह से टूटना स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है। कि वह लोहे का पोल निचे हिस्से में जहां से बेड था वहां पहले से 02 एमएम क्रेक था जिसे देख नहीं पाये है, एवं पोल में कोई भी अन्य सपोर्ट नहीं देकर मजदूर को उस पर चढ़कर काम करा रहे थे. जो इनकी निर्माण कार्य के प्रति लापरवाही को भी दर्शाता है इस आधार पर पाया गया कि, मृतक अतिराम दिनांक घटना 22.05.2020 को जो ठेका श्रमिक है, घटना स्थल में बीएसपी के रेगुलर अधिकारी एवं कर्मचारी के कहने पर अपने साथी श्रमिक घनश्याम के साथ काम पर गया था।
उसके साथ बीएसपी राजहरा का रेगुलर कर्मचारी चंद्रशेखर भी देख रेख के लिये साथ में था। जिस लोहे के बिजली पोल को डिसमेंटल करना था वह विगत 10 साल से बेंड था जिसको वहां से कांटकर पृथक करना था। उक्त पोल को डिसमेंटलिंग करने से पहले बीएसपी के अधिकारियों पवित्र कुमार मंडल डीजीएम, आर.के. सिन्हा प्रभारी यंत्री कृत खान, महेन्द्र सिंह सिनियर मैनेजर, डी.के. राउतकर शिफ्ट प्रभारी, चंद्रशेखर वर्मा सिनियर टेकनिशियन राजहरा माइंस के द्वारा कार्य योजना तैयार किया गया था कि उक्त लोहे के बिजली पोल को उसमे लगे 11 तार को उपर से अलग कर निचे से काटकर हटाना है। तथा अपने जवाब मे यह भी बताये है कि उक्त लोहे के पोल को हुकिंग करके निचे से पोल को काटकर वहां से हटाते। जब मृतक अतिराम उक्त लोहे के क्षतिग्रस्त पोल पर चढ़कर उसमे लगे दोनो आर्म्स मे लगे 11 बिजली के तार को पृथक कर रहा था तब उक्त पोल को उपर से हुकिंग नहीं किया था। तब अपने साथ पोल मे चढ़े साथी को निचे उतारा कि कहीं कोई स्क्रू नहीं गिर जाये। जब मृतक अतिराम पोल में लगे 10 बिजली के तार को जिसके सहारे पोल खड़ा था को निकला एवं जैसे आखिरी एवं 11 वें तार को पोल से पृथक किया तो पोल का उपरी सपोर्ट नहीं मिलने से पूर्व से बेंड होने एवं निचे क्षतिग्रस्त (क्रेक) होने के कारण लोहे का पोल मजदूर अतिराम का भार नहीं सह पाया एवं पोल क्रेक वाले हिस्से से टूटकर निचे गिर गया जिससे अतिराम सेफ्टी बेल्ट पोल में बांधे होने के कारण पोल के साथ ही गिरने उसमें दबने से चोंट आने के कारण इलाज हेतु अस्पताल लाते समय उसकी मृत्यु हो गया। उपरोक्त बीएसपी के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा जब उक्त बिजली के लोहे के पोल जिसको डैमेज होना बता रहे है, को कार्य योजना बनाते समय डिस्मेंटलिंग करने पहले पोल का बारीकी से निरीक्षण नहीं किया गया है क्योंकि लोहे का पोल जो दस साल से बैंड था नीचे से 02 एमएम जहां से टूटा है क्रेक होना पाया गया है तथा तब पोल को हुकिंग करके ही निचे से काटना था तो जब मृतक अतिराम पोल के उपर चकर काम कर रहा तो क्यों हुकिंग नहीं किया गया, जो निर्माण कार्य मे उपरोक्त आरोपियों की लापरवाही के कारण श्रमिक मृतक अतिराम को चोंट आने से मृत्यु होना पाया गया । जो अपराध धारा 288, 304ए, 34 भादवि का होना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. मृतक का नाम व पता अतिराम पिता नरसिंह राम उम्र 35 वर्ष साकिन अरमुरकसा पो. कुसुमकसा तहसील डौंडी लोहारा जिला बालोद है. पोल गिरने से घायल के पीठ पर पीछे दाये तरफ चेस्ट फेक्चर हो गया था
