बालोद। जिले के सभी जनपद पंचायतों में 17 से 24 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में सुरक्षा गार्ड व सुपरवाइजर भर्ती से संबंधित शिविर लगाया जा रहा था। इसकी शुरुआत कुछ जनपदों में हो गई थी। बुधवार को गुरुर जनपद में भी इसका आयोजन था। जहां गुरुर ही नहीं बल्कि आसपास के ब्लॉक के बेरोजगार भी जुट गए थे। पर भर्ती विवादित हो गई। क्योंकि जिस संस्थान के द्वारा भर्ती के लिए आवेदन लिए जा रहे थे वह प्राइवेट कंपनी थी। और बेरोजगारों से ₹350 शुल्क लिया जा रहा था। उस पर कोरोना काल में जनपदों में इतनी भीड़ जुटी थी की गाइडलाइन का पालन भी मुश्किल था।
इस बात की खबर मिलने के बाद जनपद अध्यक्ष प्रभात सिंह व जनपद उपाध्यक्ष तोषण साहू जनपद पहुंचे और इस शिविर का विरोध करने लगे। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को चेताया कि यह सब यहां नहीं चलेगा। कलेक्टर से भी इस संबंध में बात की गई और शिविर को स्थगित कराया गया। बेरोजगारों का जो पैसा लिया गया था उसे भी वापस कराया गया। गुरुर में विरोध के बाद अंततः शाम को रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के प्रभारी जिला रोजगार अधिकारी के द्वारा भी एक आदेश जारी करते हुए उक्त सुरक्षाकर्मियों व सुपरवाइजर हेतु पंजीयन शिविर को निरस्त कर दिया गया और पर कारण अपरिहार्य बताया गया है। पर मामला कुछ और है। जनपद के अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उक्त शिविर लगाने के लिए जनपदों में जगह तय किया गया था। तो यह सवाल भी बना हुआ है कि आखिर एक प्राइवेट कंपनी को इस तरह बेरोजगारों से शुल्क वसूली करने के नाम पर कमाई करने का अवसर किसके इशारे पर दिया गया था। पहले दिन ही यह शिविर विवादों में पड़ गई और अंततः प्रशासन को भर्ती पंजीयन निरस्त करना पड़ा।
यह सूचना की गई जारी
रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के प्रभारी जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली के द्वारा सिक्युरिटी एंड इंटेलीजेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड (एसआईएस) क्षेत्रीय प्रशिक्षण अकादमी आर.टी.सी. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आई.टी.आई. आरा, जशपुर के तत्वाधान में सुरक्षा कार्यों के लिए आवेदित उम्मीदवारों को पंजीकृत प्रशिक्षणोपरांत स्थाई रोजगार देने के लिए 17 अगस्त से 24 अगस्त 2021 तक एस.आई.एस. जशपुर के द्वारा बालोद जिले में सुरक्षाकर्मी एवं सुपरवाईजर हेतु पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया था जो अपरिहार्य कारणवश निरस्त किया गया है।
