
बालोद।
चार समाज के जिला व प्रदेश पदाधिकारियों की सजगता से जातिगत सामाजिक विद्वेष की होने वाली बड़ी घटना को रोकने में सफलता हासिल की गई ये मामला वनांचल ,दूरस्थ बालोद जिला डौंडी लोहारा के ग्राम नरसूटोला थाना मंगचुवा की है ।ज्ञात हो कि बालोद जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम नरसूटोला में पांच समाज के लोग निवासरत है जिसमें करीब 25 घर की गोड़ समाज ,20 घर का हल्बा समाज ,15 घर का सतनामी समाज ,5 घर के कलार समाज व एक घर के मोची समाज निवास रत है। जहां की सभी समाजसमाजों सौहार्दपूर्ण जीवन शैली छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक मिसाल रहा है। लेकिन विगत छह माह से उस गांव की सौहार्द्रता पर ऊंच नीच ,भेदभाव की ग्रहण लगने लगी थी। उस गांव की सर्व समाज के बीच स्थापित सामाजिक सौहार्द को न जाने किसकी नजर लग गई कि गांव में जातिगत मतभेद बढ़ने लगी और सतनामी समाज के साथ अन्य समाज के लोगों की मानसिकता में बदलाव आने के कारण सतनामी समाज के सभी परिवारों से सभी समाज के सामाजिक जनों के द्वारा दूरी नीत बढती हुई। बात छींटाकशी पर चली गई थी । दूसरे समाज के लोगों के द्वारा की जा रही दुर्व्यवहार से सतनामी समाज अपने को अपमानित व जलील होना समझ रहे थे। बात यहां तक आ गई थी कि सतनामी समाज के साथ दूसरे समाज के लोगों द्वारा सम्पूर्ण ग्रामीण व्यवस्थाओं पौनी पसेरी इत्यादि से वंचित कर दिया था। जिससे हताश होकर सतनामी समाज के लोगों के द्वारा थाना मंगचुवा में जातिगत भेदभाव की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद थाना मंगचुवा के प्रभारी द्वारा प्रकरण की जांच की जा रही थी। फिर गांव में सर्व समाज की बैठक रखकर दोषी समाज के लोगों के द्वारा लिखित माफी मांगते हुए गलती स्वीकार कर पुनः किसी मतभेद दुर्भाव के सौहार्दपूर्ण जीवन जीने मिलकर रहने की सहमति देकर विवाद को खत्म करने के लिए राजी हुए थे। लेकिन कुछ दिनों के बाद जो जहर जातिगत भेदभाव की लगी थी वह पुनः जागृत हो गये। और जहां कहीं पर सतनामी समाज के लोगों को जातिगत तानाकशी देते हुए सतनामी समाज के लोगों को प्रताड़ित करने लगे। जिससे आहत सतनामी समाज के लोगों ने अपने समाज प्रमुखों ब्लाक अध्यक्ष सतनामी समाज लोहारा धनेश बघेल के संज्ञान में डालते हुए सतनामी समाज के जिलाध्यक्ष संजय बारले के निवास स्थान ग्राम सिकोसा गुन्डरदेही जाकर अपनी आपबीती बताई । संजय बारले ने अपने वरिष्ठ समाज सेवियों से चर्चा करते हुए ग्राम नरसूटोला के सामाजिक जनों को ढांढस देते कहा कि आप लोग अब शांत रहिए और हम बगैर किसी प्रकार के कानूनी कार्रवाई के उन समस्त समाज के जिला प्रमुखों से चर्चा कर शांति पूर्ण मामले को निपटारा करने आश्वासन देकर उनको उनके निवास स्थान ग्राम नरसूटोला भेज दिया। फिर संजय बारले जिलाध्यक्ष सतनामी समाज बालोद ने अपनी सूझबूझ से ग्राम में निवास रत हल्बा समाज के जिलाध्यक्ष
गिरिवर ठाकुर , गोड़ समाज व सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष यू आर गंगराले , तहसील गोड़ समाज के अध्यक्ष झुमुक राम परसाही ,यूवा आदिवासी नेता देवेन्द्र माहला ,सिन्हा कलार समाज के प्रतिनिधि वरिष्ठ समाज सेवी गौकरण सिन्हा , सतनामी समाज प्रतिनिधि के रूप में जिलाध्यक्ष संजय बारले , पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश संयोजक सतनामी समाज छत्तीसगढ़ विजय बघेल , पवन जोशी प्रदेश कोर कमेटी सदस्य , एस आर बंजारे सचिव जिला सतनामी समाज , संदीप जोशी,संभाग अध्यक्ष सतनामी समाज छत्तीसगढ़ , भूपेंद्र चाणक्य प्रदेश प्रवक्ता कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ सतनामी समाज छत्तीसगढ़ , दीपक बघेल संयोजक जिला सतनामी समाज बालोद , धनेश बघेल अध्यक्ष ब्लाक सतनामी समाज छत्तीसगढ़ , केदारनाथ सुनहरे ब्लाक अध्यक्ष बालोद , लक्ष्मीनारायण बघेल महासचिव लोहारा , जे आर बिरहा सहित दर्जनों सतनामी समाज के प्रमुख जन बैठक में उपस्थित होकर ग्राम नरसूटोला के सतनामी समाज के लोगों सहित अन्य समाज के ग्रामीणों से विस्तारपूर्वक बातें सुनी । चर्चा के दरम्यान ग्राम नरसूटोला के ग्रामीणों ने गलती स्वीकारी व पूर्व में हुई विवादित मतभेदों को भुलाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में भाईचारे से मिलजुलकर जीवन व्यतीत करने में सहमति जताई जिससे विभिन्न समाजों के आये हुए जिले व प्रदेश पदाधिकारियों ने खुशियां जाहिर करते हुए कहा कि अच्छी बात है कि आप लोग आपस में बगैर हमारी मान मनौवल के आप लोग पुरानी बातों को भूलकर साथ मिलजुल कर रहेंगे। यह हम सभी के लिए खुशी की बात है । बैठक में उपस्थित समाज प्रमुखों के सामने सभी समाजों के ग्रामीण समाज प्रमुखों ने लिखित में सहमति पत्र अपने बाहर से आये समाज प्रमुखों के समक्ष लिख कर दिया है। जो कि भविष्य में कभी भी इस तरह की घटना न होने की सबूत होगी। साथ ही नरसूटोला के ग्रामीणों के द्वारा ली गई निर्णय का सम्मान करते हुए सभी समाज के लोगों को मिलजुल कर रहने की बात कही ।
बालोद जिले की बड़ी खबर