राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से शिक्षा जगत में फिर चमका बालोद का सितारा, 2 शिक्षकों को मुख्यमंत्री और राज्यपाल 22 जुलाई को करेंगे सम्मानित



बालोद। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह इस बार ऑनलाइन होगा। चयनित शिक्षकों को रायपुर राजभवन में ना बुलाकर अपने-अपने जिले में बुलाकर ऑनलाइन तरीके से कार्यक्रम होगा। इस बार भी बालोद जिले से शिक्षा जगत के सितारे चमके हैं और राज्य शिक्षक सम्मान के लिए 2 शिक्षकों का चयन हुआ है। जिसमें एक हैं शासकीय हाई स्कूल जमरवा के शिक्षक लेख राम साहू व दूसरे हैं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हर्रा ठेमा की व्याख्याता कमला वर्मा। दोनों का राज्य शिक्षक पुरस्कार 2019 के तहत चयन हुआ है। दोनों ही शिक्षकों ने अपनी काबिलियत के बदौलत यह उपलब्धि हासिल की है और अपने विशेष कार्यों के चलते ही उनकी जिले में अलग पहचान है। खास बात यह है कि दोनों बालोद ब्लाक से ही हैं। जोकि बालोद जिले के बालोद ब्लॉक के लिए भी गौरव की बात है।

आइए जाने इन शिक्षकों की कार्यशैली व काबिलियत , जिनकी वजह से इन्हें मिल रहा पुरस्कार

कमला वर्मा- कमला वर्मा शुरू से ही सेवाभावी हैं। स्काउट गाइड व रेडक्रॉस में शुरुआत से जुड़ी हुई है और साथ ही शिक्षा क्षेत्र में भी वह बच्चों को समय-समय पर कई तरीकों से मदद करके पढ़ाई में अग्रणी रखती हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने लोगों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी तो वही बच्चों की शिक्षा को लेकर भी आगे रहे। जरूरतमंद को मास्क बांटने के लिए वह अपनी बेटी के साथ इस पहल को निभाती रही। घर में बेटी मास्क बनाती थी और मां कमला वर्मा कोरोना वारियर की भूमिका निभाती थी। इसके पहले भी उन्हें कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। लगभग 2 वर्ष पहले उन्हें महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज रायपुर में सावित्री फुले राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। यह सम्मान समिति बैठक विद्यालय, विद्यालय की सुंदरता, बागवानी सजावट, रंगोली, चित्रकला, निबंध स्पर्धा के काम पर दिया गया था। उनकी उक्त गतिविधि अनवरत स्कूल में जारी है और बच्चों में यही गतिविधियों से निखार भी आया है। 2019 राज्य शिक्षक सम्मान के तहत जो पुरस्कार मिल रहा है उनमें भी उनकी हर एक गतिविधियों को परखा गया है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में वह लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाती रही। तो साथ ही रेडक्रास के जरिए भी वह समाज सेवा में अग्रणी रही। उन्हें स्काउट गाइड क्षेत्र में भी हिमालय वुड बैच के बड़े स्तर के अवार्ड मिल चुके हैं। करीब 34 साल से वह स्काउट गाइड क्षेत्र में काम कर रही है।

लेखराम साहू- उन्होंने शिक्षकीय कार्य का शुभारंभ सन 1998में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बरही विकासखंड बालोद से की। इसके बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अचौद विकासखंड गुंडरदेही जिला बालोद तत्पश्चात शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमोरा विकास खंड व जिला बालोद तथा वर्तमान में शासकीय हाई स्कूल जमरूवा विकासखंड व जिला बालोद(छ.ग.) में शिक्षा का दीप जला रहे हैं। उनका जन्म बालोद ब्लॉक के ग्राम हथौद के एक सामान्य परिवार में हुआ। पिता एक शिक्षक थे, जो कि बस्तर जिले के वनांचल क्षेत्र के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयअरौद में पदस्थ थे। वनांचल क्षेत्र के सुदूर गांव अरौद में ही कक्षा आठवीं तक पढ़ाई पूरी की। उस समय घर में बिजली के अभाव के कारण लालटेन की रोशनी से ही पढ़ाई पूरी की। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण कॉलेज की पढ़ाई के लिए स्वयं मेहनत करके पैसा कमा कर बी. एस. सी की पढ़ाई शासकीय महाविद्यालय बालोद में पूरा किया।अपने माता पिता के प्रेरणा व मार्गदर्शन से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित सेवा तथा उत्कृष्ट कर्तव्य निर्वहन के माध्यम से विद्यालय, विद्यार्थी, समाज तथा राष्ट्र के सर्वांगीण विकास, सृजनशीलता, नवाचारी शिक्षा, शाला सजावट, विज्ञान मॉडल, विज्ञान सेमिनार, खेलकूद, बाल सुरक्षा, बालिका शिक्षा तथा सुरक्षा, संस्कृतिक धार्मिक गतिविधियों में सराहनीय प्रयास रहता है। विज्ञान मॉडल व विज्ञान सेमिनार में मार्गदर्शक शिक्षक का दायित्व निर्वहन के फलस्वरूप विद्यालय के छात्र-छात्राएं कई वर्षों से राज्य स्तर तक चयनित हुए हैं। शैक्षिक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रशिक्षण जैसे इंडक्शन, विषय आधारित प्रशिक्षण, जीवन विज्ञान, समावेशी , एस. एम. सी प्रशिक्षण शाला सुरक्षा, लक्ष्य वेध प्रशिक्षण ,पढ़ई तुहंर दुआर के तहत आन लाइन प्रशिक्षण आदि में कुशल मास्टर ट्रेनर्स के रूप में दायित्वों का निर्वहन करते हैं। साक्षरता अभियान के तहत निरीक्षरो को साक्षर करने के लिए निशुल्क शिक्षा प्रदान कर उल्लेखनीय योगदान, सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक धार्मिक,स्वच्छता ही सेवा है के तहत स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति उन्मूलन, वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान रहता है। पालकों से जनसंपर्क कर शाला में शत-प्रतिशत नामांकन दिलाने महती कार्य किया, शाला त्यागी बच्चों को शाला में पुनः प्रवेश दिलाया गया। शिक्षण को रुचिकर बनाने उत्कृष्ट अध्यापनशैली का प्रयोग, पाठ्य क्रियाकलापों में विशेष रुचि लेकर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बदलने के लिए विशेष योगदान रहा है। कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर उपचारात्मक शिक्षा व समूह शिक्षण द्वारा अधिगम स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कार्य किया। आर्थिक स्थिति से कमजोर बच्चों के लिए स्वयं के व्यय से शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने में विशेष सहयोग रहता है। परीक्षा में सफलता की मूल मंत्र बता कर बच्चों में परीक्षा की भय को दूर करने का सतत प्रयास रहा है। विद्यालय की भौतिक अधोसंरचना में वृद्धि करने एस .एम .सी व समुदाय को सक्रिय किया। कैरियर गाइडेंस में अमूल्य सहभागिता रहता है फल स्वरूप उनके विद्यालय से कई बच्चे विगत 4 वर्षों से प्रयास विद्यालय के लिए चयनित हुए हैं। कोरोना काल में वैश्विक महामारी से जूझते हुए शासन प्रशासन से लेकर शिक्षक व पालक भी पढ़ाई के प्रति चिंतित थे, विद्यालय बंदथे।ऐसे विषम परिस्थितिस में बच्चों के पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने व उनके भविष्य संवारने के लिए छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजना”पढ़ई तुहंर दुआर”के तहत Cgschool.in पोर्टल में हमारे द्वारा ऑन लाइन क्लास लेने के जिला के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, उच्च माध्यमिक, उच्च. माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सिस्को वेबैक्स मीटिंग के माध्यम से ऑनलाइन क्लास संचालन करने की प्रक्रिया को चरण बद्ध बताते हुए उन्हें प्रेरित किया गया। साथ ही राज्य स्तर पर कक्षा दसवीं विषय विज्ञान का एप्रूवर के रुप मे कार्य किया। ऑनलाइन क्लास स्मार्टफोन और मोबाइल डाटा की अनिवार्यता के समस्या के कारण सभी बच्चों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उनके द्वारा बच्चों को शिक्षा से जुड़े रखने के लिए पढ़ाई का एक नया तरीका “फ्री कान्फ्रेंस कॉल क्लास”के माध्यम से बच्चों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए समाजिक दूरी के साथ सुरक्षित तरीके से घर पर ही रह कर कराया गया। इस पढ़ाई का सबसे खास बात यह था कि बच्चे कीपैड मोबाइल याने बटन वाले मोबाइल से भी बिना बैलेंस कटे पढ़ाई कर पा रहे थे, इसमें एक साथ लगभग 1000 बच्चे जुड़ सकते थे। इसके अलावा गरीब व जरूरतमंद लोगों को निः स्वार्थ भावना से निशुल्क राशन सामग्री, मास्क तथा आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

यह सम्मान पा चुके

शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित सेवा तथा उत्कृष्ट कर्तव्य निर्वहन के माध्यम से विद्यालय, विद्यार्थी, समाज के विकास हेतु विशिष्ट दक्षता का परिचय देते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें सन 2007 में राज्य स्तर पर हमर छत्तीसगढ़ प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र, सन 2017 में भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा अब्दुल कलाम ज्ञान रत्न अवॉर्ड तथा राष्ट्रीय स्तर पर भगवान गौतम बुद्ध नेशनल फैलोशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। सन 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा पे चर्चा 2.0 प्रधानमंत्री के साथ चयनित होकर नई दिल्ली में सहभागिता प्रदान किया। सन 2019 में जिला साहू संघ वालों द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया तथा अक्षय शिक्षण समिति रायगढ़ द्वारा अक्षय शिक्षा प्रबोधक सम्मान से अलंकृत किया गया। सन 2019 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा श्री सम्मान से अलंकृत किया गया । राज्य शिक्षक पुरस्कार (राज्यपाल पुरस्कार) 2019 हेतु चयनित किया गया।
लेख राम साहू ग्राम हथौद के रहने वाले हैं।

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