बालोद/ गुरुर। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुरुर के अध्यक्ष डॉक्टर ओंकार महमल्ला पर एक युवती से दुष्कर्म व एसटी एससी एक्ट के तहत विगत दिनों केस दर्ज हुआ था। जिसके बाद उन्होंने शुक्रवार को थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। इस गिरफ्तारी के 4 दिन बाद ही उन्हें जमानत मिल गई। उनके अधिवक्ता श्रीनिवास पांडे द्वारा शुक्रवार को ही जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी। बालोद के डीजे कोर्ट से ही उन्हें जमानत मिल गया। अधिवक्ता ने DailyBalodNews को बताया कि जमानत का प्रमुख आधार राजनीतिक षड्यंत्र, मेडिकल रिपोर्ट में घटना की सही पुष्टि ना होना है। मेडिकल भी बहुत देर से कराया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि हमें हाईकोर्ट में भी जाने की जरूरत नहीं पड़ी। न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा है। ज्ञात हो कि अध्यक्ष डॉ ओमकार महमल्ला ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए एक दिन सच सामने आने की बात कही थी। स्वयं की एक वीडियो जारी कर कांग्रेस के ही कुछ लोगों के नाम लेते हुए कहा था कि मुझे फसाने में इन लोगों की साजिश है। जब से मुझे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया तब से कुछ लोग मेरे पीछे षड्यंत्र रच रहे थे और यह आरोप उसी का परिणाम है ।अब उनके इस तरह जल्द जमानत मिलने के बाद इस राजनीति की बड़ी घटना में फिर से नया मोड़ आ सकता है। अगर कहीं इस आरोप में किसी तरह की साजिश है तो वह भी सामने आ सकता है कि आखिर किसके इशारे पर यह हुआ था। तो अगर आरोप सही हैं तो खुद के बचाव के लिए अध्यक्ष अब क्या पैतरा अपनाते हैं यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल अध्यक्ष के सरेंडर के साथ गिरफ्तारी व चंद दिनों में जमानत भी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।
ब्रेकिंग- दुष्कर्म व एसटी एससी एक्ट के आरोप में गिरफ्तार हुए गुरुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष को चौथे दिन ही मिली डीजे कोर्ट से जमानत, पढ़िए किन आधारों पर मिली जमानत
