तेज रफ्तार का अंजाम – एबीस कंपनी के 4 महिला मजदूरों की सड़क हादसे में मौत से दहला डोंगरगांव, तीन ने मौके पर, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम, कई हैं घायल, पढ़िये पूरी खबर



राजनांदगांव/डोंगरगांव। डोंगरगांव रोड स्थित अमलीडीह के एबीस कंपनी के महिला श्रमिकों को घर छोड़ने जा रहा मालवाहक पेड़ से टकराकर रास्ते में पलट गया। हादसे में तीन महिला मजदूरों की मौके पर मौत हो गईं, वहीं एक महिला श्रमिक ने मेडिकल अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। 15 महिलाएं घायल हैं। करीब सात महिलाओं को गंभीर चोंट आई है, उन्हें उपचार के लिए राजनांदगांव मेडिकल कालेज अस्पताल रेफर किया गया है। मालवाहक में रीवागहन और रातापायली के करीब 20 महिला श्रमिक सवार थे। सीएसपी लोकेश देवांगन ने कहा कि घटना पर मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही मेडिकल अस्पताल में घायलों के स्वजनों की भीड़ लग रही। सभी स्वजन अपनों की तलाश में अस्पताल के वार्डों में घूमते नजर आए। इसके चलते अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल तक बन गया था। पुलिस ने हादसे में तीन महिला श्रमिकों के मौत की पुष्टी की है। लेकिन खबर है कि इलाज के दौरान एक गंभीर महिला मजदूर की मौत हो गई। हादसा गुरुवार की शाम करीब सात बजे के बाद का है। जब अमलीडीह एबीस कंपनी से मालवाहक में बैठकर महिलाएं घर लौट रही थीं। घायल महिला मजदूरों ने बताया कि गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। रातापायली पहुंचने से पहले ही तेज रफ्तार गाड़ी अनियंत्रित हो गई और पेड़ से जा टकराई। इससे रातापायली निवासी 50 वर्षीय सरोज बाई पति बहादुर निषाद, शिवकुमारी पति भूषण साहू और 40 वर्षीय जैंत्री बाई पति शिव कौशिक सहित एक अन्य महिला की मौत हो गई। घायलों में दो-तीन महिलाओं की हालत नाजुक बताई जा रही है। छह-सात घायलों को डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है।

घायलों ने कहा तेज रफ्तार बना कारण, ड्राइवर ने नहीं मानी बात

मेडिकल अस्पताल में भर्ती घायल महिला श्रमिकों ने बताया कि ड्राइवर हर दिन तेज रफ्तार में गाड़ी चलाता था। रोज उसे रफ्तार कम करने के लिए कहते थे, लेकिन चालक मानता नहीं था। यही तेज रफ्तार हादसे का कारण बनी। ग्रामीणों ने बताया कि जो ड्राइवर मजदूरों को गांव छोड़ने जा रहा था, वह रोज तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाता रहा है। ड्राइवर की हरकत को देखते हुए उसे ग्रामीणों व मजदूरों ने समझाइश दी थी। उसने किसी की भी बात नहीं मानी। मजदूरों ने बताया कि हादसे से पहले भी महिलाओं ने उसकी रफ्तार को देखते हुए विरोध किया था। मजदूरों का आरोप है कि ड्राइवर नशे में भी था, जिसे हादसे के बाद पुलिस अपने साथ ले गई है।घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे की है। जानकारी के मुताबिक अमलीडीह में स्थित एबीस कंपनी की रिफाइंड ऑयल फैक्ट्री में सभी मजदूर काम करते थे। काम से छुट्टी होने के बाद मेटाडोर मजदूरों को रातापायली और रीवागहन गांव छोड़ने जा रही थी। मजदूरों ने बताया कि पहले ही वाहन काफी तेज रफ्तार में थी, जिसके अनियंत्रित होने के बाद ड्राइवर संभाल नहीं पाया और सड़क किनारे पेड़ से टकराने के बाद वाहन पलट गई। इसमें कई मजदूर बुरी तरह दब गए। आसपास के लोगों और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

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