बालोद।
विकासखंड गुरुर के ग्राम फागुनदाह में कोरोना पॉजिटिव केस अधिक मिलने के कारण पंचायत द्वारा गांव को सील कर दिया गया था। गांव से बाहर जाने व बाहर से किसी को भी आने पर प्रतिबंध लगाया गया था। सरपंच नूतन साहू व पंचों की अपील पर महिला कमांडो द्वारा भी 12 दिनों से गांव के प्रवेश द्वार पर पहरा देकर बाहर से आने वालों व गांव से बाहर जाने वालों पर नजर रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाई गई। महिला कमांडो अध्यक्ष लीलेश्वरी साहू, सरस्वती साहू, डिलेश्वरी निर्मलकर,अनीता निर्मलकर, जमिता साहू, इंदु साहू, डेरहीन साहू, अनुसूईया निर्मलकर ने लगातार सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक व शाम को 4:30 बजे से 6:30 बजे तक अपनी सेवा दी ताकि गांव में कोरोना महामारी के प्रसार को रोका जा सके। साथ ही लोगों को साबुन से हाथ धोने, मास्टर लगाने, सामाजिक दूरी बनाने व वैक्सीन लगाने हेतु भी जागरूक किया गया। पद्मश्री शमशाद बेगम ने बताया महिला कमांडो द्वारा लॉकडाउन प्रथम में अनाज, मास्क दान देने व क्वारंटाइन सेंटरों में ड्यूटी देने व लॉकडाउन द्वितीय में भी लोगों को जागरूक करने व वैक्सीन लगाने प्रेरित कर रही है। उनकी निस्वार्थ सेवा को सलाम करते हुए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया। ज्ञात हो कि नशा मुक्ति अभियान सहित अन्य कई प्रेरक कार्यों से महिला कमांडो बालोद जिले में अपनी अलग ही पहचान बना चुकी है। सिर्फ बालोद ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में महिला कमांडो काम कर रही हैं।