बालोद। संजारी बालोद के तत्कालीन कांग्रेस के विधायक और नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा पर यह आरोप था कि 29 जनवरी 2016 को, तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा संपत्ति कर में बेतहाशा वृद्वि के विरोध में बालोद बंद का आयोजन कर, कलेक्ट्रेट गेट में सुरक्षार्थ लगाए गए बेरिकेट को तोड़ कर कलेक्टरेट अंदर प्रवेश कर, शासन प्रशासन को क्षोभ कारित कारित किया है। जिस पर बालोद थाना में अपराध क्रमांक 62/2016, आईपीसी की धारा 447 के तहत अपराध तत्कालीन विधायक भैयाराम सिन्हा और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा के विरूद्ध, तत्कालीन भाजपा सरकार के दबाव में दर्ज किया गया था। इस मामले को वर्तमान छ ग सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लेने के बाद , राजनीतिक विद्वेष का मामला होने से मंत्रिमंडल कमेटी की विशेष बैठक आयोजित कर, उक्त आपराधिक प्रकरण को वापस लेने के लिये अभियोजन विभाग को पत्र प्रेषित किया गया था। जिस पर विधायक भैया राम सिन्हा और अध्यक्ष विकास चोपड़ा की ओर अधिवक्ता भेषकुमार साहू ने उक्त प्रकरण को वापस लेने की अनुसंसा को न्यायहित में सार्थक होने का विधि सम्मत तर्क प्रस्तुत किया। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष ठाकुर बालोद के द्वारा प्रकरण वापसी आवेदन को स्वीकार करते हुए आरोपीगण को दोषमुक्त करने का निर्णय पारित किया है। उक्त फैसले के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अधिवक्ता साहू को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए सत्य एवं न्याय की जीत बताया ।
2016 कलेक्ट्रेट घेराव मामले में मिली राहत, पूर्व विधायक सिन्हा व नपा अध्यक्ष पर दर्ज केस हुआ वापस, हुए दोषमुक्त