एक दिव्यांग शिक्षक ऐसे भी- स्कूल में 50% उपस्थिति की अनुमति, पढ़ाई ना पिछड़े इसलिए शाम को मोबाइल कांफ्रेंस कॉल से 1 घंटे बच्चों को और पढ़ाते हैं
बालोद/ डौंडीलोहारा। विश्व दिव्यांग दिवस पर चलिए आपको आज मिलाते हैं ऐसे शख्स से जो स्वयं दिव्यांग होते हुए भी अपने आसपास के बच्चों नौजवानों को आगे ले जाने के…
