गुण्डरदेही के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक में परीक्षा परिणाम, उपस्थिति और अध्यापन व्यवस्था की समीक्षा; मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति के निर्देश
बालोद, 19 अगस्त 2026। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी पांचों विकासखंडों के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की है। विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठकों की अंतिम कड़ी में बुधवार को उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गुण्डरदेही विकासखंड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि देश के भावी भविष्य नौनिहाल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना शासन की विशेष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इसी मंशा के अनुरूप सभी प्राचार्य एवं शिक्षक पूरी लगन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अच्छी शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है और विद्यार्थियों का अधिकार भी है। इसलिए शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे, डीएमसी श्री अवन कुमार जांगड़े, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
परीक्षा परिणाम सुधारने कार्ययोजना बनाने के निर्देश
कलेक्टर ने गुण्डरदेही विकासखंड के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुरूप अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां विषयवार आवश्यकता के अनुसार मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में स्कूलवार कक्षा 10वीं एवं 12वीं के पिछले दो वर्षों के परीक्षा परिणामों की तुलना करते हुए शिक्षा सत्र 2025-26 के परिणामों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने प्राचार्यों एवं शिक्षकों से कमजोर विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।
जिन विषयों का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा, उन विषयों के शिक्षकों को तलब कर परिणाम खराब रहने का कारण पूछा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि परीक्षा परिणाम खराब या असंतोषजनक रहने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
85 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर ने जून एवं जुलाई माह में स्कूलवार विद्यार्थियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। कम उपस्थिति पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए पालकों के साथ नियमित बैठक आयोजित कर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने प्रत्येक माह विद्यार्थियों का मासिक टेस्ट अनिवार्य रूप से आयोजित करने तथा खराब परिणाम आने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षकों की उपस्थिति और रिक्त पदों की भी समीक्षा
कलेक्टर ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं अध्यापन कार्य की जानकारी लेते हुए कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार तथा समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए शिक्षकों को निर्धारित समय-सीमा में अपने दायित्वों का निर्वहन करना आवश्यक है।
उन्होंने सभी प्राचार्यों को किसी भी शिक्षक-शिक्षिका का 15 दिन से अधिक का संतान पालन अवकाश स्वीकृत नहीं करने के निर्देश दिए। 15 दिन से अधिक अवकाश के आवेदन प्राप्त होने पर उसे जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करने को कहा।
कलेक्टर ने शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को गुण्डरदेही विकासखंड के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने के लिए क्लस्टरवार प्रत्येक स्कूल की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं करने के निर्देश भी दिए।
बरबसपुर स्कूल के बेहतर परिणाम की सराहना
बैठक में कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर के प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा विशेष प्रयासों से शिक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणाम में किए गए उल्लेखनीय सुधार की सराहना की। उन्होंने संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विकासखंड के अन्य प्राचार्यों एवं शिक्षकों को भी बरबसपुर स्कूल के मॉडल को अपनाने की सलाह दी।
कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उनके परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गंभीर बीमार विद्यार्थियों को निःशुल्क उपचार की जानकारी
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित विद्यार्थियों को आरबीएस (राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम) के अंतर्गत उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों एवं शिक्षकों को ऐसे बच्चों को चिन्हित कर समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए भी समुचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखना हम सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को गत 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में योगदान देने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।












