जिला सत्र न्यायालय बालोद का फैसला, ₹500 अर्थदंड भी लगाया
बालोद। अंडा रोल पहले बनाने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक पर धारदार चाकू से हमला करने के मामले में माननीय एस.एल. नवरत्न, प्रधान सत्र न्यायाधीश, बालोद ने आरोपी हरीशचंद गावरे को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह निर्णय 13 अगस्त 2026 को सुनाया।
अंडा रोल को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार आरोपी हरीशचंद गावरे एवं आहत धनंजय सहारे ग्राम कोड़ेकसा के निवासी हैं। 19 मार्च 2025 को धनंजय अपने साथी भावेन्द्र नायक के साथ ग्राम कोड़ेकसा बाजार चौक स्थित डामन नायक की अंडा दुकान पर अंडा रोल लेने पहुंचा था। उसने छह अंडा रोल का ऑर्डर दिया था, जिनमें से चार रोल तैयार हो चुके थे।
इसी दौरान आरोपी हरीशचंद गावरे ने दुकानदार से पहले उसका अंडा रोल बनाने की बात कही, जिसको लेकर आरोपी और धनंजय के बीच बातचीत हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने धनंजय से अश्लील गाली-गलौज की।
घर जाने के बाद फिर किया हमला
विवाद के बाद धनंजय अंडा रोल लेकर घर चला गया। बाद में खाना खाने के बाद वह घर से बाहर निकलकर मंदिर के पास बैठा था। इसी दौरान आरोपी हरीशचंद वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हाथ-मुक्के से मारपीट करते हुए मुर्गा लड़ाई में इस्तेमाल किए जाने वाले लोहे के धारदार चाकू से हमला कर दिया।
हमले में धनंजय की दायीं-बायीं पसली, दायें हाथ की भुजा और पीठ में चोटें आईं। उसे उपचार के लिए शासकीय अस्पताल डौण्डीलोहारा ले जाया गया। वहां से बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव और फिर मेकाहारा अस्पताल रायपुर रेफर किया गया।
आरोपी से बरामद हुआ धारदार चाकू
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी हरीशचंद गावरे का मेमोरेण्डम कथन दर्ज किया। आरोपी द्वारा घटना में प्रयुक्त लोहे का धारदार चाकू पेश किए जाने पर गवाहों की मौजूदगी में उसे जब्त किया गया।
सम्पूर्ण विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक 47/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2) एवं 109 के अंतर्गत अपराध दर्ज कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
ठोस साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
प्रकरण में प्रस्तुत प्रबल एवं ठोस साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी हरीशचंद गावरे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के आरोप में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹500 अर्थदंड से दंडित किया।
लोक अभियोजक ने की पैरवी
प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक तोमन लाल साहू ने पैरवी की। मामले की विवेचना निरीक्षक मुकेश सिंह द्वारा की गई।











