सीडबॉल का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, विद्यार्थियों ने लिया हरियाली बढ़ाने का संकल्प
जगन्नाथपुर/कमरौद। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं कृषि आधारित लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर जगन्नाथपुर एवं विद्यापीठ स्कूल कमरौद में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, कृषि परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियां कराई गईं।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र तथा कृषि उपकरणों पर पुष्प अर्पित कर की गई। विद्यार्थियों ने हरेली पर्व की महत्ता और छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति से संबंधित गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सीडबॉल का किया गया रोपण
पर्यावरण गतिविधि एवं संरक्षण टीम, जिला बालोद द्वारा विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यशालाओं में तैयार किए गए सीडबॉल को हरेली तिहार के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर जगन्नाथपुर एवं विद्यापीठ स्कूल कमरौद में सुरक्षित स्थानों पर रोपित किया गया।
विद्यार्थियों को सीडबॉल निर्माण, बीजरोपण और पौधों की देखभाल के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर पर्यावरण गतिविधि जिला संयोजक कमलकांत साहू, जिला सह-संयोजक संजय साहू, जल आयाम जिला संयोजक छबि लाल कोराम, व्याख्याता कादम्बिनी यादव, मीडिया प्रभारी दीपक यादव सहित प्रहलाद साहू, योगेश्वर प्रसाद साहू, रुपेश सोनकर, संतोष साहू, वैभव साहू, छगन यादव एवं पूजा जैन सहित पर्यावरण गतिविधि से जुड़े कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि हरेली केवल कृषि और हरियाली का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का अवसर भी है।












