जिला सत्र न्यायालय बालोद ने सुनाया फैसला, ₹500 अर्थदंड भी लगाया
डौण्डीलोहारा, 14 अगस्त 2026। करीब एक वर्ष पूर्व अंडा-चिला की बात को लेकर युवक पर धारदार चाकू से प्राणघातक हमला करने के मामले में जिला सत्र न्यायालय बालोद ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले की सुनवाई 13 अगस्त 2026 को हुई।
बाजार चौक के पास किया था हमला
पुलिस के अनुसार घटना 19 मार्च 2025 की है। ग्राम कोडेकसा बाजार चौक के पास अंडा-चिला की बात को लेकर आरोपी हरिषचंद गावरे पिता आनंद सिंह गावरे, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोडेकसा, थाना डौण्डीलोहारा, जिला बालोद ने धनंजय सहारे के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हाथ-मुक्का एवं धारदार चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
25 मार्च को दर्ज हुआ था अपराध
घटना में गंभीर चोट आने की रिपोर्ट के आधार पर 25 मार्च 2025 को थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक 47/2025 के तहत संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी हरिषचंद गावरे को 29 मई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था। पुलिस ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए तथा आरोपी के कब्जे से धारदार चाकू बरामद कर विधिवत जब्त किया।
अदालत ने माना आरोप सिद्ध
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र जिला सत्र न्यायालय बालोद में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी, विधिसम्मत विवेचना एवं दोषसिद्धि तक मामले को पहुंचाने में विवेचनाधिकारी निरीक्षक मुकेश सिंह, तत्कालीन थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा एवं प्रधान आरक्षक वीरेंद्र साहू की सराहनीय भूमिका रही।











