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स्वामी आत्मानंद विद्यालय अरमरीकला में सीडबॉल एवं बीजरोपण कार्यशाला, पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को सीडबॉल निर्माण, बीजरोपण और वृक्ष संरक्षण का दिया प्रशिक्षण, हरित भारत के निर्माण का लिया संकल्प

गुरूर/बालोद। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, अरमरीकला (विकासखंड गुरूर) में पर्यावरण गतिविधि, जिला बालोद के तत्वावधान में सीडबॉल एवं बीजरोपण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य पी.एल. साहू ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि वायु, जल, वन, भूमि, नदियां और जैव विविधता मानव जीवन के आधार हैं। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्थान दिया गया है और वेदों-पुराणों में भी प्रकृति संरक्षण को धर्म का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट बढ़ा है, इसलिए सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना होगा।

सीडबॉल और वृक्षारोपण से हरियाली बढ़ाने पर जोर

विशेष अतिथि निर्मल साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सीडबॉल निर्माण, बीजरोपण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्लास्टिक के कम उपयोग तथा जनजागरूकता जैसे उपाय अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

विशेष अतिथि जागृत साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा जब यह जन-आंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने परिवार के प्रत्येक सदस्य को सीडबॉल निर्माण और वृक्षारोपण से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि परिवार का हर सदस्य कुछ सीडबॉल तैयार कर उन्हें खाली स्थानों पर डाले, तो आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में पौधे विकसित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण और संतुलित जलवायु प्रदान करते हैं, इसलिए उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता की दी जानकारी

कार्यक्रम के प्रशिक्षक एवं पर्यावरण गतिविधि जिला संयोजक कमलकृष्णाकांत साहू ने विद्यार्थियों को सीडबॉल निर्माण और बीजरोपण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने ‘नेशनल स्टूडेंट पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 (NSPC)’ की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता 15 जुलाई से 15 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। इसमें छात्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में एम.के. सेन, जी.आर. साहू, सी.आर. साहू, डी.एम. साहू, वी.के. चंद्राकर, डी.के. ठाकुर, जी.एल. अष्टानुज, डी.पी. साहू, भारती नागेश्वर, शैलेन्द्र सिन्हा, सी. देवांगन, हितेश देशमुख, जगदीश्वर कल्याणी, प्रतीक गुप्ता, एम. निशा, ममता साहू, कविता ताम्रकार, एच. मांडवकर, एस. चौधरी, नीता चंद्रिकापूरे, भागवती रात्रे सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सहयोग रहा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी कार्यशाला में भाग लेकर सीडबॉल निर्माण एवं पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी सुरक्षा करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का संकल्प लिया।

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