श्री कृष्ण गौ सेवा समिति बघमरा: उजड़ चुके गौठान को बनाया गौ सेवा का केंद्र

दर्शन बालोद/डेली बालोद न्यूज के लिए गुंडरदेही से प्रेम प्रकाश साहू की रिपोर्ट
गुंडरदेही। नगर पंचायत गुंडरदेही के वार्ड क्रमांक 2 स्थित बघमरा में संचालित श्री कृष्ण गौ सेवा समिति आज गौ सेवा, जीव दया और पशु संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है। जहां एक ओर सड़कों पर बेसहारा और घायल गौवंशों की समस्या लगातार बढ़ रही है, वहीं समिति वर्षों से ऐसे पशुओं की सेवा कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य कर रही है।
समिति की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि जिस सरकारी गौठान परिसर को कुछ समय पहले तक पूरी तरह निष्क्रिय और उजाड़ माना जाता था, उसे अध्यक्ष दयाराम सिन्हा एवं उनकी टीम ने दानदाताओं के सहयोग से गौ सेवा के सशक्त केंद्र में बदल दिया है। वर्तमान में यहां लगभग 62 गौवंशों की देखभाल की जा रही है।

दस वर्षों से सेवा का सतत अभियान
समिति के अध्यक्ष दयाराम सिन्हा पिछले करीब दस वर्षों से गौ सेवा और जीव दया के कार्यों में सक्रिय हैं। उनकी सेवा केवल गौवंश तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य पशु-पक्षियों और सांपों के रेस्क्यू में भी वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर जीव के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना के कारण उन्होंने क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है।
घायल और बेसहारा पशुओं के लिए बना सहारा
समिति वर्तमान में बड़ी संख्या में बीमार, दुर्घटनाग्रस्त और बेसहारा पशुओं की देखभाल कर रही है। जरूरत पड़ने पर समिति के सदस्य लगभग 20 किलोमीटर दूर तक जाकर पशुओं का रेस्क्यू करते हैं।
करीब दो माह पूर्व नागपुर की एक एनिमल वेलफेयर संस्था ने समिति के कार्यों से प्रभावित होकर हाईटेक लिफ्ट सिस्टम से युक्त पशु एंबुलेंस उपलब्ध कराई। इस एंबुलेंस की सहायता से चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं को सुरक्षित अस्पताल एवं गौशाला तक पहुंचाया जाता है।
गांव-गांव पहुंच रही सेवा
समिति द्वारा अब तक 50 से अधिक पशुओं का गांव-गांव जाकर उपचार कराया जा चुका है। चिकित्सकीय सहयोग के साथ पशुओं की देखभाल के लिए 24 घंटे केयर टेकर नियुक्त हैं तथा प्रतिदिन हरे चारे की व्यवस्था भी की जाती है।
वर्तमान में समिति का पूरा संचालन बिना किसी सरकारी सहायता के जैन समाज सहित विभिन्न दानदाताओं के सहयोग से किया जा रहा है।
जिन्हें लोग छोड़ देते हैं, उन्हें अपनाती है समिति
दूध देना बंद होने या बीमार होने पर अक्सर पशुओं को बेसहारा छोड़ दिया जाता है। ऐसे पशुओं को समिति अपने संरक्षण में लेकर उपचार और देखभाल की व्यवस्था करती है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंशों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर प्राथमिक उपचार तक की जिम्मेदारी भी समिति के सदस्य स्वयं निभाते हैं।
समिति के अध्यक्ष दयाराम सिन्हा का कहना है, “हमारा उद्देश्य केवल गौ सेवा नहीं, बल्कि हर बेजुबान प्राणी की रक्षा और सेवा करना है।”
जागरूकता अभियान भी जारी
समिति समय-समय पर पशु संरक्षण और जीव दया के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए रैलियों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी करती है। समिति का मानना है कि समाज का थोड़ा-सा सहयोग भी बेसहारा पशुओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
समिति के पदाधिकारी
- अध्यक्ष — दयाराम सिन्हा
- उपाध्यक्ष — सौरभ चोपड़ा
- सचिव — मनीष चोरड़िया
- संयुक्त सचिव — सुरेश सोनी
- कोषाध्यक्ष — दिनेश टावरी
- मीडिया प्रभारी — छगन सोनकर एवं रविकांत सोनकर
- विशेष सेवादार — भोला भाई सोनकर
समिति ने क्षेत्रवासियों से गौ सेवा एवं पशु संरक्षण के कार्यों में सहभागी बनने की अपील की है। बघमरा का यह सेवा केंद्र आज यह संदेश दे रहा है कि संकल्प, संवेदना और सामूहिक सहयोग से उजड़ी हुई जगह को भी सेवा, करुणा और संरक्षण का केंद्र बनाया जा सकता है।





