खरीफ 2026 में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने शासन की पहल, पंजीयन कराने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
बालोद, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ वर्ष 2026 में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योजना के स्वरूप में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इसके तहत धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
कृषि विभाग के उपसंचालक श्री आशीष चंद्राकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत ऐसे कृषक जिन्होंने पिछले खरीफ मौसम में धान की खेती की थी और इस वर्ष धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास की फसल लेने के लिए पंजीयन कराया है, उन्हें 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा ऐसे किसान जो पहले से ही खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी एवं कपास की खेती कर रहे हैं, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन, एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म पर पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से रकबे की पुष्टि करानी होगी। सत्यापन के बाद मान्य रकबे पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जमा की जाएगी।
उपसंचालक श्री चंद्राकर ने जिले के किसान भाईयों से अपील की है कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए समय पर एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, ताकि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उन्हें आसानी से मिल सके।
यह पहल किसानों को पारंपरिक धान आधारित खेती से आगे बढ़कर विविध फसलों की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ कृषि लागत में संतुलन और आय के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








