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महिला से दुष्कर्म और जान लेने का प्रयास: बालोद न्यायालय ने आरोपी को सुनाई 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

विशेष न्यायालय का फैसला: पीड़िता को क्षतिपूर्ति योजना के तहत प्रतिकर देने के निर्देश

बालोद। महिला के साथ दुष्कर्म करने तथा उसकी जान लेने का प्रयास करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद श्री ताजुद्दीन आसिफ की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए पीड़िता को क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत प्रतिकर प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं।

न्यायालय द्वारा 18 जून 2026 को सुनाए गए निर्णय में आरोपी कृष्ण कुमार चंद्राकर (40 वर्ष), निवासी ग्राम अचौद, थाना रनचिरई, जिला बालोद को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(1) के अंतर्गत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 109(1) के अंतर्गत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिया कि आदेश प्राप्ति से दो माह की अवधि के भीतर पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2018 के अंतर्गत पीड़िता को पर्याप्त प्रतिकर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद को निर्देश जारी किए गए हैं।

अभियोजन पक्ष की ओर से प्रकरण की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद कुमार श्रीवास्तव द्वारा की गई। अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने 12 सितंबर 2025 को थाना रनचिरई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया कि 1 सितंबर 2025 की सुबह अपने बच्चे को स्कूल बस तक छोड़कर लौटते समय आरोपी द्वारा उसे अपने घर बुलाया गया, जहां उसके साथ जबरदस्ती की गई। शिकायत के अनुसार इसके बाद पीड़िता की स्थिति गंभीर हो गई और उसे उपचार के लिए व्ही.वाई. अस्पताल रायपुर में भर्ती कराया गया।

शिकायत के आधार पर थाना रनचिरई में अपराध क्रमांक 113/2025 दर्ज कर विवेचना की गई तथा जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक राधा बोरकर द्वारा की गई। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए यह निर्णय सुनाया।

निर्णय में न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यौन हिंसा किसी महिला की गरिमा, सम्मान और निजता पर गंभीर आघात होती है तथा इसका प्रभाव उसके जीवन पर गहरा पड़ता है।

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