विद्यार्थियों ने मिट्टी, गोबर और बीजों से तैयार की सीड बॉल, वर्षा ऋतु में होगा वृक्षारोपण
बालोद। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोडेला में एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। विद्यालय की शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा 500 सीड बॉल (बीज गेंद) का निर्माण किया गया। इस नवाचारपूर्ण गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न प्रकार के बीज एकत्रित किए। इनमें गुलमोहर, करंज, बबूल, इमली, सीताफल सहित कई उपयोगी एवं छायादार वृक्षों के बीज शामिल रहे।

विद्यार्थियों ने मिट्टी एवं गोबर की सहायता से सीड बॉल तैयार कीं, जिन्हें वर्षा ऋतु के दौरान खाली एवं अनुपयोगी स्थानों पर फेंककर अथवा रोपित कर वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना का निर्माण करना है।
शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय में विगत वर्षों से विद्यार्थियों के सहयोग से सीड बॉल निर्माण का कार्य लगातार किया जा रहा है। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता तथा वृक्षों के महत्व की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होती है।
विद्यालय के प्रधान पाठक रमेश कुमार हिरवानी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विद्यालय में यह अभियान संचालित किया जा रहा है और इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
इस गतिविधि में विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से लक्ष्मी, सोनम, किरण, खुशबू, लावण्या, मुनेश, रोहन, कौटिल्य, नमन, वैष्णवी, किंजल एवं शौर्य सहित अन्य विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।
विद्यालय में वर्तमान समय में भी सीड बॉल निर्माण की प्रक्रिया निरंतर जारी है तथा आगामी दिनों में और अधिक संख्या में सीड बॉल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को और गति देने की योजना बनाई गई है।











