ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों का हवाला दिया, परिजनों ने अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार किया अंतिम संस्कार
बालोद। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम हीरापुर में एक व्यक्ति के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई। जानकारी के अनुसार ग्राम हीरापुर निवासी हरिशचन्द्र साहू (उम्र 65 वर्ष), जिन्हें ग्रामीणों द्वारा रामपाल का अनुयायी बताया गया, का गुरुवार को निधन हो गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने सुबह गांव में बैठक आयोजित की और मृतक के परिजनों एवं उनके पुत्र अरविंद साहू को चर्चा के लिए बुलाया। बैठक में ग्रामीणों की ओर से कहा गया कि अंतिम संस्कार गांव की परंपरागत हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाए।
बताया गया कि मृतक के पुत्र अरविंद साहू ने पारंपरिक हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करने से असहमति जताई और अपने धार्मिक विश्वास तथा अनुयायियों की पद्धति के अनुसार अंतिम संस्कार करने की बात कही। इसके बाद ग्रामीणों ने ग्राम हीरापुर स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद मृतक के परिजनों एवं उनके साथ मौजूद अनुयायियों द्वारा बालोद स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों का कहना रहा कि गांव की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था एवं स्थानीय रीति-रिवाजों को बनाए रखना आवश्यक है। वहीं यह घटना धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत अधिकार और सामाजिक सहमति को लेकर चर्चा का विषय बनी रही।
बैठक में ग्राम पटेल संतराम साहू, हेमंत साहू, उमेश साहू, गणेश राम साहू, ग्रामीण अध्यक्ष परमानंद साहू, उपाध्यक्ष मंशुख साहू, बलदाऊ साहू, गोविंद साहू, संतानु निषाद, पना साहू, ग्राम सरपंच दानेश्वरी नरेंद्र साहू, उपसरपंच यतीश साहू, कुंजलाल, धरमु निषाद, खिलावन निषाद, बिहारी यादव, कुशल ठाकुर, रमेश निषाद, बंशी कौशिक, गंगा निषाद, दुष्यंत साहू, हेमराज साहू, पुष्कर साहू, ईश्वर साहू, रामसिंग निषाद, यादराम साहू, हिरामन साहू, जीवन निषाद, करण निषाद, टिकेश्वर साहू, झुमुक साहू, तोकु साहू, संतानु साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
समाचार लिखे जाने तक मामले में किसी प्रशासनिक शिकायत या आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।











