बालोद। अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है।
माननीय विशेष/सत्र न्यायाधीश एस.एल. नवरत्न (अत्याचार निवारण अधिनियम न्यायालय, बालोद) ने घर में घुसकर जातिगत गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में चार आरोपियों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
👥 ये हैं दोषी आरोपी
न्यायालय ने निम्न आरोपियों को दोषी ठहराया—
- शेख समसुद्दीन (35 वर्ष)
- मो. सैयफान (25 वर्ष)
- अमजद खान (25 वर्ष)
- सोहेल खान (26 वर्ष)
सभी निवासी शीतला पारा, गुण्डरदेही (जिला बालोद) हैं।
⚖️ किन धाराओं में मिली सजा
न्यायालय ने आरोपियों को—
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 117(2) सहपठित 3(5) के तहत 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास
- SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(ध) के तहत 5-5 वर्ष का कठोर कारावास
- साथ ही विभिन्न धाराओं में 3-3 माह की सजा और जुर्माना भी लगाया गया
🕒 क्या है पूरा मामला
घटना 3 अक्टूबर 2025 की रात करीब 11:30 बजे की है।
स्थान: शीतलापारा, गुण्डरदेही
जानकारी के अनुसार—
पीड़ित पक्ष जब घर के बाहर था, तभी आरोपी नशे की हालत में आपस में झगड़ा कर रहे थे।
जब रोशन महिलांगे और कांति बाई ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी भड़क गए।
👉 सभी आरोपी एक राय होकर जबरन घर में घुस गए
👉 जातिगत गालियां दीं
👉 जान से मारने की धमकी दी
👉 हाथ-मुक्कों से मारपीट कर चोट पहुंचाई
🚔 पुलिस ने दर्ज किया था मामला
पीड़ित की शिकायत पर थाना गुण्डरदेही में अपराध क्रमांक 284/2025 दर्ज किया गया।
मामले में भारतीय न्याय संहिता और SC/ST एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच की गई।
इस प्रकरण की विवेचना अनुविभागीय अधिकारी पुलिस राजेश बागड़े द्वारा की गई।
👨⚖️ अभियोजन पक्ष की पैरवी
मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एट्रोसिटी) पुष्पदेव साहू ने पैरवी की।
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
🚨 सख्त संदेश
इस फैसले को जातिगत अत्याचार और हिंसा के मामलों में सख्त कार्रवाई का संदेश माना जा रहा है।
👉 न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
