ग्रामीणों में आक्रोश, क्रेडा और स्थानीय पंचायत प्रशासन की लापरवाही उजागर
बालोद। जिले के ग्राम पंचायत ओरमा में शासन द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइट पिछले तीन महीनों से बंद पड़ी है, जिससे मोहल्ले का मुख्य चौराहा पूरी तरह अंधेरे में डूब गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं, वहीं स्थानीय पंचायत प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस लापरवाही के कारण लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
अंधेरे का फायदा उठाकर बढ़ रहीं घटनाएं
ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय चौराहा पूरी तरह अंधेरे में रहता है, जिससे असामाजिक तत्वों को मौका मिल रहा है। क्षेत्र में तोड़फोड़ और चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आमजन में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
जिम्मेदार विभागों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्ट्रीट लाइट क्रेडा (CREDA) के माध्यम से लगाई गई थी, लेकिन खराब होने के बाद न तो क्रेडा और न ही पंचायत प्रशासन इसकी सुध ले रहा है। इससे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जल्द सुधार की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि क्षेत्र में रोशनी बहाल हो सके और लोगों को सुरक्षा का माहौल मिल सके।
अंत में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
