डौंडी लोहारा: शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडी लोहारा में विद्यार्थी परिषद द्वारा महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं और स्वाध्यायी विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए उग्र आंदोलन किया गया। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के सामने धरना दिया और प्राचार्य से सवाल-जवाब किया।

मुख्य मुद्दे:
- स्वाध्यायी विद्यार्थियों की फीस वापसी: महाविद्यालय द्वारा स्वाध्यायी विद्यार्थियों को नियमित विद्यार्थियों के रूप में भर्ती देने के बाद अधिक फीस जमा करवाना और फिर भर्ती रद्द करने के बाद फीस वापस न देना व सफाई में यह कथन कहना कि अभी तक विश्वविद्यालय से प्राइवेट के विद्यार्थियों की भर्ती प्रक्रिया क्या रहेगी व कैसे होगी महाविद्यालय को इसकी कोई सूचना या पूर्व जानकारी नहीं है इस प्रकार के कथन विद्यार्थियों मे असंतोषपूर्ण व चिंताजनक विषय है तथा शैक्षिक क्षेत्र मे एक बड़ा मुद्दा है कि अभी तक जब इस सत्र का एक सेमेस्टर परीक्षाऐं आयोजित हो गई है अभी तक भर्ती प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय ऊंघ रहा है जिससे विद्यार्थियो का भविष्य खतरे की लाल लकीर मे नजर आ रहा है। पश्चात् विद्यार्थियों ने अपनी फीस वापस करने या उन्हे नीयमित विद्यार्थी के रुप में सीट दिया जाए या महाविद्यालय द्वारा हुई गड़बडी को सुधार करने जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया जाए ऐसी मांग रखी है।
- महाविद्यालय की समस्याएं: महाविद्यालय में कई समस्याएं हैं बिजली पानी,स्वछता,पुस्तकालय मे पुस्तकों की कमी,शिक्षकों की कमी,बैठक व्यवस्था,सेनैटरी पैड, सीसीटीवी सुरक्षा,खेल सामग्री,प्रैक्टिकल सामान फीस वृद्धि आदि जिनका समाधान नहीं किया जा रहा है।सत्र प्रारंभ से व पिछले वर्षों से महाविद्यालय की समस्याओं के लिए आवेदन पर आवेदन देकर प्राचार्य व जनभागिदारी अध्यक्ष को सूचित किया जा रहा है परंतु समाधान के नाम पर मात्र,आश्वासन का लालीपाप पकडा़ दिया जाता है या पढा़ई का हवाला देकर चुप करवा दिया जाता है व फीस काऊंटर में लाइन लगे विद्यार्थियो से अनुचित व्यवहार काऊंटर में बैठे स्टाफ द्वारा किया जाता है आज विद्यार्थी अपने सवालों के जवाब हेतु महाविद्यालय पहुंचे तो पहले उन्हे महाविद्यालय से भगाया जाने लगा डरवाकर जब पानी सर के ऊपर आने लगा तो अब विद्यार्थियों ने इन समस्याओं के समाधान करने की मांग आंदोलनात्मक रुप से की है।महाविद्यालय की गेट पर 1:30 घंटे धूप मे बैठे विद्यार्थियो ने अपने हक के लिए आवाज बुलंद की भारत माता के जयकारो व छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति जैसे ऊर्जात्मक नारों से।
आंदोलन का नेतृत्व अभाविप की प्रांत सहमंत्री सुश्री मनीषा राणा व जिला संयोजक दिपेश साहू द्वारा किया गया।
मनीषा राणा ने बताया कि- विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही प्रवेश परीक्षा और परिणाम के समय होने वाले समस्याओं के लिए विद्यार्थी हित व अधिकारों के लिए खडा़ होता आया है,और आज भी छात्र छात्राओं के इस संघर्ष मे अडि़ग साथ दे रहा है विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के अधिकारो के लिए अगर विश्वविद्यालय या शिक्षा मंत्री तक भी अगर जाना पडा़ तो झिझकेगा नहीं। क्योंकि परिषद समस्या पर नहीं समस्या के समाधान पर विचार और कार्य करता है।और आशा करता है कि महाविद्यालय द्वारा भी विद्यार्थियों के अधिकारों का सम्मान किया जाए।

आंदोलन के दौरान:
विद्यार्थियों ने प्राचार्य से सवाल-जवाब किया और अपनी मांगों को लेकर चर्चा की। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।
निष्कर्ष:
विद्यार्थी परिषद अपने अधिकारों और मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी। हमें उम्मीद है कि महाविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेकर समाधान करेगा।
