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ये है अंधेरगर्दी… पंचायत ने नहीं चुकाया 4 लाख का बिजली बिल, शाम से रात तक इस गांव की गलियों में रहता है अंधेरा

विकास कार्य के नाम से भी पिछड़ा,ना  सीसी रोड़ है ना बिजली की सुविधा

बालोद। ग्राम पंचायत घीना विकास कार्यों के नाम पर पिछड़ा हुआ है। यहां अंधेरगर्दी ऐसी है की ना सीसी रोड बनी है न दलदल से मुक्ति मिली है ।ना नाली बनी है और तो और बिजली पोल तो लगे हैं पर बल्ब गायब है। स्ट्रीट लाइट की सुविधा आज भी गांव को नहीं मिल रही है। जहां आज हर गांव में स्ट्रीट लाइट से शाम होते ही जगमगाती है तो वहां घीना पंचायत अंधेरे में डूब जाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। जब हमने इस मामले में तह तक जाते हुए गांव पहुंचकर वहां का हाल जानने की कोशिश की तो एक बड़ी बात है यह सामने आई कि पंचायत प्रशासन द्वारा समय पर बिजली बिल न चुकाने के कारण बिजली कंपनी द्वारा ही यहां की स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन ही काट दिया गया है। जिसके चलते यह हाल है।

जब हमने पंचायत प्रतिनिधियों से इस बारे में जानकारी हासिल की तो यह बात निकलकर आई कि 10 साल पहले से ही विद्युत वितरण कंपनी में इस पंचायत के नाम से चार लाख का बिजली बिल बकाया है। जिसे पंचायत चुका नहीं पाई और आज तक उसे चुकाई ही नहीं। जिसके चलते विद्युत वितरण कंपनी यहां बिजली सप्लाई ही नहीं कर रही है और यही वजह है कि यहां गलियां अंधेरे में डूबी रहती है। वर्तमान सरपंच द्वारा भी इस संबंध में कुछ प्रयास नहीं दिख रहा है। 2 साल कार्यकाल गुजर गए पर गांव में विकास कार्य पिछड़ता नजर आ रहा है।

 ग्रामीणों ने बताई अपनी इस तरह की समस्या

 सीसी रोड का भी अभाव गलियों में बहता है गंदा पानी


पुष्पा बाई सेन ने कहा कि सीसी रोड का भी अभाव है। गलियों में गंदगी इतनी ज्यादा है कि घरों का गंदा पानी गली में बहता रहता है। इससे चलना मुश्किल हो जाता है। विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। इसमें पंचायत प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

बिजली को लेकर प्रयास होना चाहिए


 पूर्व सरपंच पदमा देवदास ने कहा कि वर्षों पहले के सरपंच द्वारा स्ट्रीट लाइट का बकाया भुगतान बिजली कंपनी को नहीं चुकाया गया। जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई। मेरे कार्यकाल में भी स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं मिल पाई थी। इसका हल निकाला जाना चाहिए। वरना फिर यह गांव अंधेरे में ही रह जाएगा। जहां हर गांव में बिजली की सुविधा है वहां यह अभाव हमें भी बहुत खलता है।

पंचायत प्रशासन की निष्क्रियता के चलते ये हाल

ग्रामीण आशीष जैन ने कहा कि पंचायत प्रशासन की निष्क्रियता के चलते गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। गलियों में चलना मुश्किल हो जाता है। लोग अगर सामने की गली में दलदल हो या रास्ता खराब हो तो दूसरी गली से होकर जाते हैं। कई बार मांग के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती है। दूसरे गांव में हम विकास कार्य देखते हैं पर हमारे गांव में विकास नजर नहीं आ रहा है।

 क्या कहते हैं पंचायत सचिव

ग्राम पंचायत के सचिव बसंत सिन्हा का कहना है कि शासन से फंड ना आने के चलते यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। विधायक व संसदीय सचिव से इस संबंध में गांव की जो जो समस्या है उनके निराकरण को लेकर ज्ञापन भी दिया गया है।वही लगभग 10 साल पूर्व कार्यकाल के जो भी सरपंच रहे उनके द्वारा 4 लाख रुपये का बिल का भुगतान नहीं किए जाने के कारण ही स्ट्रीट लाइट कनेक्शन बंद पड़ा हुआ है। इसका रास्ता निकालने के लिए हम पंचायत की ओर से नया कनेक्शन लेने कंपनी में आवेदन किए हैं। पर सुनवाई नहीं हो रही है। अपने स्तर पर जो हो सकता है वह प्रयास कर रहे हैं।

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