बारिश ने खड़ी की कई बाधाएं: ग्रामीण इलाकों मे बाढ़ की स्थिति कहीं पुल के ऊपर बह रहा पानी तो कहीं सड़क धसी, देखिए खबर



बालोद| लगातार जारी बारिश से जहां नदी तालाबों और खेतों में सूखे से तो राहत मिली है लेकिन खासकर ग्रामीण इलाकों में आवागमन पर भी असर पड़ने लगा है।  जब हमने जिले के कुछ सुदूर इलाकों का जायजा लिया तो कुछ तस्वीरें सामने आई है जिससे पता चलता है कि किस तरह बारिश के कारण कई इलाके बाढ़ की चपेट में आए हैं।  साथ ही सड़क और पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।  

अकलवारा से नर्बदा के बीच सड़क पर हुए जान लेवा गड्ढे, सड़क धसी

दो दिन से हो रही झमाझम बारिश के बीच गुरूर ब्लाक में अकलवारा से नर्बदा के बीच सड़क पर दो फीट चौड़ा और पाँच फीट गहरा गड्ढा हो गया है।  मंगलवार को ग्रामीणों ने सुबह यह गड्ढा देखा जो काफी बड़ा और जानलेवा है।  पुल से कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे यह सड़क नीचे से धसी है, मिट्टी बह जाने से बड़ा गड्ढा हो गया है।  फिलहाल इसकी मरम्मत विभाग ने अब तक नहीं कराई है।  सिर्फ आसपास झाड़ियाँ लगाकर लोगों को आवागमन के लिए सावधान किया जा रहा है। समय रहते इस गड्ढे को नहीं भरा गया तो कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।  

खेतों में भरा घुटने तक पानी, गलत सड़क निर्माण का खामियाजा भुगत रहे किसान  

इसी तरह गुरूर ब्लाक में ही तितुरगहन से गंगोरीपार के बीच आने वाले सैकड़ों किसानों की खेतों में लगी फसल भी बाढ़ की चपेट में आ गई है।  परेशान और प्रभावित किसान जागेश्वर किरण, छन्नू किरण , धीराजी राम साहू, पन्नालाल साहू ,रामभाऊ साहू ,फूल सिंह साहू, श्रवण यादव, ओमप्रकाश साहू पंच, दिनेश कुमार साहू ,डोमन साहू ,किशन लाल साहू, नारायण किरण, निर्मल कुमार ,मनबोधी राम, विजय साहू ,पुनीत राम ,भुवनेश्वर साहू ,द्वारका प्रसाद ,पूरनलाल जयमाला, नंद कुमार, मेशराम साहू, गुमान सिंह ,कुशल राम साहू आदि ने बताया कि सड़क किनारे नाली निर्माण के लिए विभाग को बोले थे, पर इस बारिश में भी पानी पूरा खार में जमा हो गया है।  पानी निकासी के लिए कोई सुधार नहीं किया जा रहा है।  किसानों को इस इलाके में सड़क के बनने के कारण बहुत ही नुकसान झेलना पड़ रहा है।  किसानों में नाराजगी है कि नेता भी चुनाव तक सीमित रहते हैं,जब वोट मांगने आए तो वादे किए जाते हैं कि हम चुनाव जीतते है तो पहले सड़क किनारे नाली बनाएंगे, पर आज तक सब वादे झूठे निकले हैं।  किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस ओर अब तक ध्यान नहीं देने का आरोप पीड़ित किसानों ने लगाया है।

तुमडीकसा लमती मार्ग पर खरखरा नदी में बाढ़ से रास्ता बंद, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

इधर बालोद जिले से 40 किलोमीटर दूर डौण्डी लोहारा विकासखंड के तुमडीकसा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम लमती में एक बार फिर सीजन की पहली बारिश से तुमडीकसा लमती के बीच बहनें वाली खरखरा नदी पर आवाजाही  बंद हो गई है।  इस पुल की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर ग्रामीणों ने कई बार आवेदन शासन प्रशासन को दिया है पर अभी तक किसी की कानों में जू तक रेंगी है।  ग्रामीणों ने बताया 2023 में जन समस्या निवारण शिविर ग्राम पंचायत तुमड़ीकसा के आश्रित ग्राम तुऐगोदी में हुआ, इस दौरान कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा गया था।  जिस पर कार्रवाई हेतु आवेदन आगे सेतु विभाग को दिया गया था और सेतु विभाग ने अपनी बजट 2024 में शामिल किया परंतु आज तक इसकी कोई कार्य की शुरुआत नही किया गया।  2024 में भी लमती के इसी नदी पर 12 मवेशी बह कर मर गए, इसकी भी सूचना प्रशासन को दिया गया।  सेतु विभाग से पीडब्ल्यूडी से भी कई बार बात करने पर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है।  इस नदी को पार कर के बच्चे स्कूल जाते है।  जब अधिक बाढ़ होता है तो दो दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते और ना ही पशुओं को चराने के लिए ले जा पाते है।

9 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया एक निम्न दाब का क्षेत्र गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उसके आसपास स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर भतिण्डा, रोहतक, कानपुर, डाल्टनगंज, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित निम्न दाब के केंद्र और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक, 0 9 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है।एक द्रोणिका उत्तर पूर्व अरब सागर से से गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित निम्न दाब के केंद्र तक, गुजरात, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, छत्तीसगढ़, दक्षिण उड़ीसा होते हुए 4.5 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 9 जुलाई को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा होने की भी संभावना है।भारी वर्षा का क्षेत्र मध्य छत्तीसगढ के जिले संभावित है। जिसमें बालोद जिला भी शामिल है।

बारिश के आँकड़े अब तक (मिमी में)

ब्लॉक–   8 जुलाई को हुई बारिश 1 जून से अब तक हुई बारिश
गुंडरदेही38   237.6
बालोद 51   274.1
डौंडी77.9   312.2
डौंडीलोहारा61.3 192.3
गुरूर 44.4 329.3
अर्जुन्दा 31.1 252.3
देवरी32.6181.5
औसत47.5 254.2


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