शिक्षिका करती थी ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार,उपस्थिति पंजी में भी गड़बड़ी साबित,ग्रामीणों के आंदोलन के बाद हुई निलंबित



बालोद| बीजाभाँठा के ग्रामीणों द्वारा रविवार को किए गए धरना प्रदर्शन और सड़क जाम के बाद आखिर 24 घंटे के भीतर विवादित शिक्षिका को जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन स्थगित कर दिया है। प्रभारी डीईओ डीपी कोसरे द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि श्रीमती उषा बोरकर, स.शि. (एल.बी.), शास.प्राथ. शाला बीजाभांठा, वि.ख. डौण्डी लोहारा, जिला बालोद के विरूद्ध शाला में अनियमित उपस्थिति, अनुपस्थित तिथि का भी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने, शाला प्रबंधन समिति एवं ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार, शाला अनुदान की राशि का दुरूपयोग आय-व्यय की सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराने संबंधी शिकायत पत्र इस कार्यालय को प्राप्त हुआ था। उक्त शिकायत की जांच विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी लोहारा द्वारा कराई गई. जांच प्रतिवेदन अनुसार शिकायत सही पाई गई। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी लोहारा द्वारा श्रीमती उषा बोरकर को शासकीय प्राथमिक शाला हरदी, वि.खं. डौण्डी लोहारा में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अध्यापन कार्य हेतु संलग्न किया गया था। शासन द्वारा संलग्नीकरण आदेश समाप्त किये जाने के आदेश उपरांत शिक्षिका द्वारा पुनः अपने मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण किया गया है। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग के पत्र के द्वारा प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व में की गई शिकायत जांच के आधार पर श्रीमती उषा बोरकर सहायक शिक्षिका शासकीय प्राथमिक शाला बीजाभांठा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने निर्देशित किया गया है। श्रीमती उषा बोरकर का उक्त कृत्य शासकीय कार्य के प्रति गैर जिम्मेदाराना, लापरवाही, पदीय दायित्वों की उपेक्षा एवं स्वैच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है जो छ.ग.सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 के उपनियम (1) (2) (3) के विपरीत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। एतद् द्वारा छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-09 (1) (क) के तहत श्रीमती उषा बोरकर, स.शि. (एल.बी.), को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में श्रीमती उषा बोरकर, स.शि. (एल.बी.) का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, डौण्डी लोहारा, जिला बालोद (छ.ग.) नियत किया जाता है। निलंबन काल में उक्त लोक सेवक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

एक दिन पहले ग्रामीणों ने शिक्षक हटाने की मांग को लेकर राजनांदगांव – अर्जुंदा मार्ग पर किया था 6 घंटे चक्काजाम

डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बीजाभाटा में उक्त शिक्षिका को हटाने व स्थानांतरित शिक्षिका का स्थानांतरण रोकने को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने राजनांदगांव अर्जुंदा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया था । ग्रामीणों ने इसके पूर्व प्रशासन को इसकी सूचना लिखित में दी थी। ग्राम बीजाभाटा के ग्रामीण कमलेश साहू ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में तीन शिक्षक थे। युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षिका नर्मदा साहू का अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण शिक्षिका उषा बोरकर का लंबे समय से स्थानांतरण की मांग कर रहे थे। लेकिन दूसरी शिक्षिका का स्थानांतरण कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि  उषा बोरकर का विद्यालय के छात्रों तथा ग्रामीणों के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। विद्यालय में समय पर उपस्थित भी नहीं रहती। इससे विद्यालय में अव्यवस्था रहती है। ग्रामीण अपने बच्चों को 15 दिन से स्कूल नहीं भेज रहे हैं। इधर चक्काजाम में ग्रामीणों को समर्थन देने बीजाभाटा पहुंचे विधायक  कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया ही गलत है। इससे अव्यवस्था फैल रही है। विभाग को कई बार बोलने के बाद भी शिकायत वाली शिक्षिका को ना हटाकर दूसरी शिक्षिका को हटाने से ग्रामीण नाराज है। सरकार पढ़ने वाले बच्चों के साथ-साथ किसानों को भी परेशान कर रही है। 

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