सामाजिक सहभागिता से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव: राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर
बालोद। डौण्डी लोहारा विकासखण्ड आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में अन्तरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस कार्यक्रम आयोजन कर विभिन्न गतिविधियो बच्चों से चित्र कला, निबंध लेखन, स्लोगन, वाद-विवाद, पोस्टर बैनर के जरिए जन जागरूकता अभियान चलाने की अपील किया गया।
अन्तरराष्ट्रीय नशामुक दिवस अवसर पर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने कहा कि सामाजिक सहभागिता से ही नशामुक समाज का निर्माण संभव है। नशा एक सामाजिक बुराई है। सामाजिक सहभागिता से ही नशामुक समाज बनाया जा सकता है।नशामुक अभियान का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति का संदेश जन जन तक पहुंचाना है। और नशीली दवाओ के दुरुपयोग को रोकना,नशे के आदी लोगों उपचार करना और समाज में जागरूकता फैलाना है।इसका लक्ष्य एक नशा मुक्त भारत बनाना हैं।जहां लोग स्वस्थ, खुशहाल जीवन जी सकें।
नशीली दवाओ के दुरुपयोग को रोकना
इस दिवस का उद्देश्य बच्चों युवाओ को दवाओ के सेवन से होने वाले खतरों के बारे में शिक्षित करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना। साथ ही नशीली दवाओ के दुरुपयोग के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना,ताकि लोग इसके खतरा को समझ सकें और नशे से दूर रह सकें।एक ऐसा समाज बनाना जहां नशीली दवाओ का कोई स्थान न हो और लोग स्वस्थ, खुशहाल जीवन जी सकें। नशामुक अभियान में समुदाय के सभी वर्गों जैसे परिवार स्कूल धार्मिक संगठन और गैर सरकारी संगठनों को शामिल करना है।यह अभियान न केवल व्यक्तियों को बल्कि पूरे समाज को लाभान्वित करता है।
अन्तरराष्ट्रीय नशामुक दिवस अवसर राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने नशामुक भारत का संकल्प दिलाई गई और एक पेड़ मां नाम पर वृक्ष रोपण पर्यावरण संरक्षण जल संरक्षण के लिए अपील किए गए।
नशामुक्त भारत का संकल्प
राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने सभी को शपथ दिलाई कि आज मैं नशा-मुक्त जीवन शैली अपनाने और दूसरो को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करके नशा मुक्त भारत अभियान में योगदान देंगे।
इस अवसर पर शिक्षक नारदराम भुआर्य दीनदयाल अटल सुनिल कुमार अलेन्द्र गांधीराम बघेल भूमिका मोवाड़े नारायण सिंह कोठारी उपस्थित रहे।
