राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ का विशेष वर्ग बालोद शिशु मंदिर में प्रारम्भ



बालोद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतिवर्षानुसार लगाये जाने वाले प्रशिक्षण वगों की श्रृंखला में इस वर्ष सरस्वती शिशु मंदिर बालोद में’ संघ शिक्षा विशेष वर्ग आयोजित है। जिसका शुभारंभ शनिवार को हुआ, इस वर्ग में संपूर्ण छ. ग. प्रांत से 175 शिक्षार्थी प्रशिक्षण हेतु आये हैं। समाज को संगठित करने, व्यक्तित्व विकास एवं शाखा कार्य करन की क्षमता अर्जित करने के लिए संघ शिक्षा वर्ग में 15 दिनों के कठोर शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रतिदिन प्रात: 4:30 बजे से रात्रि 10:15 तक प्रत्येक स्वयंसेवक निर्धारित दिनचर्या का पालन करते हुए समय पालन, अनुशासन, समाज के प्रति अपनत्व का भाव को अपने आचरण में आत्मसात करेंगे। प्रशिक्षण के उद्‌‌घाटन सत्र में अभय राम कुम्भकार प्रांत प्रचारक ने अपने उद्‌बोधन में कहा कि संघ कार्य करने जो ईश्वर द्वारा नियोजित है वही वर्ग में आ पाता है। देश, परिवार, समाज को ठीक प्रकार से चलाने के लिए प्रशिक्षण आवश्यक होता है। राष्ट्र और समाज तभी आगे बढ़ता है जब देश में गुणों से युक्त लोग रहेंगे। ऐसे गुण निर्माण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ करता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद‌ जी का उदाहरण देते हुए कहा कि मुझे 100 संस्कारों से युक्त व्यक्ति मिल जाये तो मैं भारत की तस्वीर बदल सकता हूँ। मन को बांधना कठिन होता है और इसे अभ्यास से साध सकते हैं। कुशल कार्यकर्ता बनने के लिए व्यक्तित्व, कृतित्व, नेतृत्व, समझदारी और समर्पण इन पाँच गुणों से कुशल कार्यकर्ता का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि निज पर शासन तब अनुशासन आ सकता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद एवं राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी के कविता का उदाहरण देकर कहा की संस्कारी व्यक्ति राष्ट्र का चित्र बदल सकता है।

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