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सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद में होगी आचार्य सहित 9 पदों पर भर्ती, विज्ञापन जारी, आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई, देखिए विस्तृत जानकारी…..

बालोद। बालोद के गंजपारा में सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम के पास संचालित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आचार्य सहित 9 पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में संस्थान द्वारा विज्ञापन/सूचना भी जारी किया गया है। जिसमें अंग्रेजी के आचार्य के लिए दो पद, कृषि, भौतिक, रसायन शास्त्र, गणित, सामाजिक विज्ञान सभी के लिए एक-एक पद पर भर्ती होगी। साथ ही भृत्य एक, चौकीदार एक पद पर भर्ती होगी। योग्यता की बात करें तो अंग्रेजी के लिए एमए अंग्रेजी साहित्य और बीएड, कृषि के लिए एमएससी कृषि और बीएड, भौतिकी के लिए एमएससी भौतिकी और बीएड, रसायन शास्त्र के लिए एमएससी रसायन और बीएड, गणित के लिए एमएससी गणित और बीएड, सामाजिक विज्ञान के लिए एमएससी समाजशास्त्र या भूगोल और बीएड तय किए गए हैं। भृत्य और चौकीदार के लिए आठवीं पास होना जरूरी है। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई 2025 है। आवेदन पत्र विद्यालय से प्राप्त कर सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ निर्धारित समय अवधि में विद्यालय में जमा करना होगा। चयन उपरांत 8 दिन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए प्राचार्य दीनदयाल साहू 9179691343,अध्यक्ष मोहन भाई पटेल 942554511, कार्यालय प्रमुख योगेश्वर प्रसाद यादव 9406038950 आदि से संपर्क कर सकते हैं।

इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध है इस विद्यालय में

विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की बात करें तो यहां कक्षा अरुण, उदय से लेकर 12वीं तक हिंदी माध्यम में कक्षाएं संचालित हैं। सर्व सुविधा युक्त सुसज्जित स्वयं का भवन, प्रशिक्षित योग एवं अनुभवी आचार्य, पुस्तकालय, विस्तृत खेल मैदान, पृथक पृथक विज्ञान प्रयोगशालाएं और वर्ष 2022-23 से अटल टीकरिंग लैब की सुविधा यहां उपलब्ध है। सत्र 2022-23 से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार यहां शिक्षण व्यवस्था प्रारंभ है। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली एवं सरस्वती शिक्षा संस्थान रायपुर से संबद्ध गंगा मैय्या बाल कल्याण समिति बालोद द्वारा यह विद्यालय संचालित है । जहां पर संस्कारसम वातावरण, न्यूनतम शुल्क व्यवस्था, आचार्य का नियमित उन्मुखीकरण प्रशिक्षण, विद्यालय आरंभ में संगीतमय प्रार्थनाओं भरा आध्यात्मिक वातावरण निर्माण, प्रतिमाह मासिक सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, संस्थान द्वारा पृथक से शैक्षिक, बौद्धिक, शारीरिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन, शासन द्वारा प्रदत्त सभी प्रकार की छात्रवृतियां एवं निशुल्क पुस्तकों का लाभ, एनएसएस, स्काउटिंग, गाइडिंग, रेडक्रॉस दलों का संचालन, आचार्य द्वारा सतत अभिभावक संपर्क एवं विद्यार्थी के शैक्षिक विकास पर चर्चा, कंप्यूटर शिक्षा, शिशु वाटिका में खेल युक्त शिक्षा सुविधा, संगीत एवं योग शिक्षा, प्राचीन वैदिक गणित पद्धति का ज्ञान आदि सुविधाएं भी उपलब्ध है।

यह है विद्यालय का उद्देश्य

उक्त संस्थान का उद्देश्य बच्चों का शैक्षिक, चारित्रिक, नैतिक, शारीरिक सहित सर्वांगीण विकास करना है । साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, चरित्र निर्माण, आध्यात्मिक एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास, संस्कार एवं संस्कृति की शिक्षा, राष्ट्रवाद से ओतप्रोत भावी पीढ़ी का निर्माण करना भी प्रमुख उद्देश्य है।

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