गुलाबी गैंग की रही होली पर पैनी नजर, आसामाजिक तत्वों की लेती रहीं खबर
सावधानीपूर्वक होली मनाने करती रही महिला कमांडो अपील, आयोजनों पर थी निगरानी
बालोद। भाईचारे और एकता का प्रतीक होली का त्योहार रमजान के महीना के बीच आया था। इस बीच गांव गांव में सामाजिक बदलाव लाने, नशा मुक्ति और समाज सुधार की दिशा में कार्य कर रही महिला कमांडो ने भी अनूठे ढंग से होली मनाई। बालोद जिले के लगभग 12 हजार 500 महिला कमांडो रूपी गुलाबी गैंग होली पर पैनी नजर बनाए रखी हुई थी। ताकि गांव में किसी भी तरह की आसामाजिक गतिविधियां न हो। होली, होलिका दहन और होली के दूसरे दिन होने वाले फाग प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न आयोजनों पर महिला कमांडो की नजर रही। ताकि कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो। ज्ञात हो कि पहले से ही महिला कमांडो अपने गांव में भ्रमण कर लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से उत्साह के साथ होली मनाने के लिए समझा रही थी। लोगों को मदिरापान ना करने, तेज रफ्तार में गाड़ी ना चलाने की हिदायत दे रही थी। ताकि कोई हादसे न हो। तो वही इन महिला कमांडो के द्वारा गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ाते हुए सिलाई प्रशिक्षण की एक अनूठी पहल भी विगत दिनों ग्राम दनिया से शुरुआत की गई है। बात करें नियमित गश्त की तो एक बार फिर से महिला कमांडो सिटी और लाठी लेकर गांव में भ्रमण करती नजर आ रही है। पापरा सहित कई ऐसे गांव ऐसे हैं जहां सक्रियता से महिला कमांडो रात्रि गश्त में जुटी हुई है। इस होली और रमजान के मौके पर हमने छत्तीसगढ़ सर्व महिला कमांडो की प्रमुख शमशाद बेगम से विशेष बातचीत की। पद्मश्री शमशाद बेगम ने कहा कि होली और रमजान एक साथ आया था। जिसे जिले में शांतिपूर्ण ढंग से लोगों ने मनाया। इसमें महिला कमांडो ने अहम भूमिका निभाई। यह आपसी सद्भावना और भाईचारे का त्यौहार है। उन्होंने सभी से निवेदन करते हुए कहा कि अपने गांव में सामाजिक बदलाव लाने के लिए सब एक हो। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में महिला कमांडो द्वारा घर-घर जाकर होली के त्यौहार को लेकर समझाइश दिया कि कहीं कोई हुल्लड़ ना करें। सुखी होली खेले, पानी का दुरुपयोग ना करें। महिला कमांडो को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें छोटे-छोटे आर्थिक गतिविधियों और प्रशिक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में ग्राम दनिया में उनके द्वारा महिला कमांडो के माध्यम से सिलाई प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू किया गया ताकि हर गांव में महिला टेलर तैयार हो और वह आत्मनिर्भर होकर अपने पैरों पर खड़ी हो सके।
महिला कमांडो को मिलना चाहिए उचित मानदेय, मुख्यमंत्री से की गई है मुलाकात
पद्मश्री शमशाद बेगम ने कहा कि पिछले महीने मुख्यमंत्री से भी हमने मुलाकात की है और महिला कमांडो की 2006 से जारी निस्वार्थ सेवा को लेकर हमने बात रखी है कि शासन की तरफ से भी उन्हें कम से कम सम्मान राशि दिया जाना चाहिए। महिला कमांडो को ड्रेस, प्रशिक्षण, शासन की ओर से पूरे समूह को कुछ ना कुछ मानदेय राशि मिले ताकि वे और उत्साह तथा मुस्तैदी से काम कर सके। उम्मीद है कि विष्णु देव सरकार इस पर पहल करेगी
महिला जनप्रतिनिधियों से की गांव में महिला कमांडो को बढ़ावा देने की अपील
उन्होंने पंचायती राज के तहत आरक्षण के चलते सरपंच और पंचों के रूप में चुनाव जीत कर आई महिला जनप्रतिनिधियों से भी अपील किया कि अपने गांव में महिला कमांडो का गठन कर सामाजिक सुधार के कार्यों में अपना योगदान दे। हम सब मिलकर गांव और समाज को नशा मुक्त, अपराध मुक्त कर, समाज को बुराई मुक्त बना सकते हैं। ऐसी महिला जनप्रतिनिधियों से अपील करती हूं कि वे अपने गांव में कमांडो का गठन कर उन्हें अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जब 2006 में हमने शुरुआत की तो सिर्फ 100 महिला कमांडो से गुण्डरदेही से शुरुआत की गई थी लेकिन आज यह कारवां बढ़ता हुआ 12500 हो गया है । बालोद जिले में लगभग 20 से 25 % ग्राम ऐसे हैं जहां पर महिला कमांडो का गठन अभी नहीं हुआ है। हाल ही में हमने डौंडी ब्लॉक के वनांचल के अंतिम छोर पर स्थित हुच्चेटोला जाकर भी वहां महिला कमांडो का गठन किया है। ऐसे ही मैं सभी महिला जनप्रतिनिधियों से अपील करती हूं कि जहां महिला कमांडो का गठन नहीं हुआ इसके लिए आगे है। हम उन्हें प्रशिक्षण देंगे और पूरा सहयोग कर उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ने और समाज में बदलाव लाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करेंगे । ताकि महिलाएं समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सके। हमारी महिला कमांडो सिर्फ कमांडो ही नहीं है, बल्कि विभिन्न स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्म निर्भरता के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और विविध स्वरोजगार अपना रही है। उन्होंने महिलाओं के विकास के लिए महिला कमांडो से जुड़कर आगे बढ़ने की अपील की तो वहीं पुरुष वर्ग से भी उन्होंने महिलाओं का समर्थन करने की अपील की ताकि समाज में एक बेहतर सुधार आ सके। अगर आप अपने ग्राम में महिला कमांडो का गठन करना चाहते हैं या बनने के इच्छुक हैं तो मोबाइल नंबर 9893726566, 9617076968 पर संपर्क कर सकते हैं। जिन गांवों में पूर्व में महिला कमांडो थे, लेकिन वर्तमान में किसी कारणवश सक्रिय नहीं है तो वहां नए सिरे से भी कमांडो का गठन किया जाएगा। इस हेतु भी उक्त नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
