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भाजपा ने बनाया था जिसे अपना प्रत्याशी वह हारी, गुरुर जनपद अध्यक्ष निर्वाचित हुई आनंदपुर की सुनीता संजय साहू

परिणाम से आधा गम आधा खुशी की स्थिति में पड़ी भाजपा,निर्विरोध उपाध्यक्ष बने दुर्गानंद साहू

बालोद/ गुरुर । गुरुर जनपद पंचायत में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव परिणाम दिलचस्प रूप से सामने आए हैं। 21 जनपद सदस्य क्षेत्र वाले जनपद पंचायत गुरुर में 18 जनपद सदस्य भाजपा समर्थित जीत कर आए थे। दो सदस्य कांग्रेस से थे और एक सदस्य निर्दलीय जीते हुए थे। स्वाभाविक था कि भाजपा का बहुमत है और भाजपा से अध्यक्ष बनना तय है। जिसके लिए पार्टी ने पहले से तैयारी करते हुए सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू को समर्थन देकर अध्यक्ष बनाने की रणनीति तैयार की थी। भाजपा के दिग्गज नेता भी बालोद से गुरुर पहुंच गए थे और सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू को जीत दिलाने के बाद आतिशबाजी की तैयारी में थे। लेकिन हालात उस वक्त अचानक बदल गए जब भाजपा से ही ताल्लुक रखने वाली जनपद सदस्य आनंदपुर की रहने वाली सुनीता संजय साहू ने भी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर दी। भाजपा आनन फानन में सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू और सुनीता संजय साहू के बीच सामंजस्य बनाने में असफल रही और चुनाव का अधिकार सभी को होने की बात कहते हुए सुनीता संजय साहू और सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू के बीच अध्यक्ष बनने को लेकर वोटिंग कराई गई। 21 मतदाताओं में 11 वोट सुनीता संजय साहू को मिले और सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू को 10 वोट मिला। इस तरह एक वोट के अंतर से भाजपा की सुनीता संजय साहू अध्यक्ष बनने में कामयाब हो गई। इस जीत पर भाजपा आधा खुशी तो आधा गम की स्थिति में थी। उन्हें इस बात की निराशा थी कि हमने जिसे समर्थन दिया था वह चुनाव हार गई और पार्टी से ही बगावत करके नामांकन भरने वाली सुनीता संजय साहू जीत गई हालांकि । सुनीता संजय साहू ने कहा कि वह भाजपा को लेकर पूरी तरह समर्पित है और अध्यक्ष बनने के बाद भी वह किसी दूसरी पार्टी में नहीं जाएंगे। बल्कि भाजपा में ही बनी रहेगी और भाजपा के दिशा निर्देशों के साथ ही वह काम करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास को लेकर वह हमेशा तत्पर रहेगी। अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही सुभद्रा ईशा प्रकाश साहू क्षेत्र क्रमांक 21 से जनपद सदस्य का चुनाव निर्विरोध जीतकर आए थे। भाजपा पूरी तरह आश्वस्त थी कि सभी सीट के परिणाम आने के बाद बहुमत तो है ही । अध्यक्ष सुभद्रा साहू को बनाएंगे। पर चुनाव के दिन परिस्थिति ही कुछ और हो गई।

दुर्गानंद साहू बने निर्विरोध उपाध्यक्ष

इसी तरह उपाध्यक्ष चुनाव की बात करें तो दुर्गानंद साहू निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने गए। कांग्रेस की ओर से और किसी ने नामांकन भरा ही नहीं था ना ही बीजेपी से और किसी ने नामांकन भरा। ऐसे में निर्विरोध की स्थिति में दुर्गानंद साहू जनपद उपाध्यक्ष बनने में सफल हुए। दुर्गानंद साहू ने इस जीत पर कहा कि कांग्रेस में कहीं कोई हिम्मत नहीं थी कि वह नामांकन भर सके । तो वही अध्यक्ष पद के हालांकि भाजपा ने सुभद्रा को समर्थन दिया था। पर चुनाव लड़ना सभी का अधिकार है इसलिए सुनीता संजय साहू ने भी अपना भाग्य आजमाया और वह जीत गई। वह भाजपा में रहकर ही काम करेगी। कुल मिलाकर देखा जाए तो भाजपा की ही जीत हुई है। हमें किसी तरह का मनभेद या मतभेद न रखते हुए अब इस जीत का जश्न मनाते हुए क्षेत्र के विकास को लेकर कार्य करना चाहिए।

क्या बोली अध्यक्ष

तो वहीं अपने जीत पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनीता संजय साहू (जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 17) ने कहा कि उन्हें जिताने में भाजपा के अलावा अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस और निर्दलीयों का भी साथ रहा है। जिसके कारण वह एक वोट से ही सही पर जितने में कामयाब हो गई। जबकि भाजपा का ही बहुमत था। कह सकते हैं कि भीतर घात और क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा के ही वोट बट गए और किसी ने सुभद्रा साहू तो किसी ने सुनीता संजय साहू को समर्थन दिया और जीत का सेहरा सुनीता संजय साहू के सिर पर सज गया। सुनीता संजय साहू अपने गांव आनंदपुर की पूर्व सरपंच रह चुके हैं। दो पंचवर्षीय कार्यकाल उन्होंने गांव के विकास को लेकर काम किया है और जनपद सदस्य चुनाव लड़कर जीत हासिल करते हुए राजनीति में अगला कदम बढ़ाए हैं। अब वे गुरुर के जनपद अध्यक्ष बनने में भी कामयाब हुए हैं।

पुलिस और प्रशासन भी रहा मुस्तैद

जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर जनपद पंचायत परिसर में पुलिस और प्रशासन भी मुस्तैद रहा तो वही पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव को संपन्न कराने के लिए मतदान अधिकारी के रूप में गुरुर एसडीएम प्राची ठाकुर, जनपद सीईओ उमेश रात्रे , तहसीलदार हनुमत श्याम सहित उनकी टीम भी तैनात रही।

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