दल्ली राजहरा की पार्षद टी ज्योति बनी अब दूरदर्शन कलाकार, नगर सहित जिला हुआ गौरवान्वित, गणतंत्र दिवस पर शाम को वंदे मातरम गीत की देगी प्रस्तुति, दूरदर्शन पर देशभर के लोग देख सकेंगे उनकी गायकी का हुनर

बालोद/ दल्लीराजहरा। गायकी और अभिनय के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा चुकी दल्ली राजहरा की पार्षद टी ज्योति अब दूरदर्शन की भी कलाकार बन गई है। दरअसल में उन्हें दूरदर्शन में 26 जनवरी पर होने वाले विशेष राष्ट्रगीत गायन के लिए रायपुर बुलाया गया था। जिसकी रिकॉर्डिंग हो चुकी है। इसका प्रसारण 26 जनवरी को शाम 7 बजे दूरदर्शन टीवी चैनल पर होगा। जिसे देश भर के लोग देख सकेंगे। टी ज्योति पार्षद का स्वर मधुर आवाज में वन्देमातरम गीत 26 जनवरी 2025 को संध्या 7 बजे को दूरदर्शन टेलीविजन पर आप सभी देख सकेंगे। यह पल दल्लीराजहरा सहित पूरे बालोद जिले के लिए भी अत्यंत गर्व की बात है। टी ज्योति का यह वन्दे मातरम गीत अब छत्तीसगढ़ के साथ साथ पूरा भारत देश देखेगा।

गायकी के हुनर से जीत चुकी कई अवार्ड

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित टी ज्योति (ज्योति सोनी) ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर इंस्टीट्यूट निखार द्वारा गायन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार, रेलवे गुंजन गायन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार, एडोर्न मूवमेंट इंडिया द्वारा गायन प्रतियोगिता विजेता, राजहरा गॉट टैलेंट गायन प्रतियोगिता में प्रथम, शाला में सर्वश्रेष्ठ कलाकार द्वारा सम्मानित, रेलवे गंग तरंग प्रतियोगिता में प्रथम, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर डिवीजन ताल मृदंग लोक संगीत प्रतियोगिता 2025 में प्रथम पुरस्कार से नवाजी गई हैं ।
टी ज्योति पार्षद छत्तीसगढ़ की लोकगायिका के साथ साथ अब पूरे भारत में पहचान बनाने जा रही है। अब वे दूरदर्शन कलाकार बन चुकी हैं। इसके लिए दल्लीराजहरा नगर वासियों ने उन्हें बहुत बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।

इस उपलब्धि पर क्या कहा उन्होंने

दूरदर्शन के कलाकार बनने पर टी ज्योति ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे लोक संगीत क्षेत्र में मोहन सुंदरानी जी हमेशा मार्गदर्शन प्रदान करते आए है। चुनावी माहौल के कारण स्टूडियो रिकॉर्डिंग स्थगित किया गया।आगामी चुनाव के बाद 6 छत्तीसगढ़ी लोक गीत रिकॉर्डिंग किया जाएगा। जिससे सभी प्रदेश वासी मेरा यह गीत देख व सुन पाएंगे। वहीं दूरदर्शन टेलीविजन में मौका देने के लिए रेलवे कार्यालय अधीक्षक प्रीति राजवैद्य व दूरदर्शन अधीक्षक मोहम्मद युसुफ का उन्होंने हृदय पूर्वक धन्यवाद दिया। राष्ट्रगीत वंदे मातरम गीत प्रस्तुति में उनके साथ में संगतकार के लिए अतनु मुखर्जी, रोशन शिंदे, ढोलक ज्ञानेश्वर, आर्गन राजकुमार यशुदास, ऑक्टोपैड मिलीत मंडल व गुड्डू गिटारिस्ट में प्रमुख रूप से योगदान है।

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