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आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा में संविधान दिवस की 75 वीं वर्षगांठ मनाया गया

राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने संविधान प्रस्तावना उद्देशिका को पढ़कर बच्चों को शपथ दिलाई

हमारा संविधान, हमारा सम्मान,लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बचाकर रखना: दयालूराम पिकेश्वर

बालोद। डौण्डी लोहारा विकास खण्ड के आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला के बच्चों शिक्षकों को राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने संविधान प्रस्तावना उद्देशिका को पढ़कर शपथ दिलाई गई और राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने भारतीय संविधान,हमारा संविधान, हमारा सम्मान, लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बचाकर रखना है। भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। भारत संविधान भारत के लोकतंत्रात्रिक, धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी ढ़ांचे को परिभाषित करने वाले आधारभूत दस्तावेज है। पिछले सात दशकों में इसने राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के माध्यम से राष्ट्र का मार्गदर्शन किया है, न्याय स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व सुनिश्चित किया है,जो भारत के शासन के मूल सिद्धांत है। इन मूल्यों को हर साल संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारत की संवैधानिक भावना का जश्न

संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। नागरिकों संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को घोषणा की कि भारत सरकार हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाएगी। इसका पालन राष्ट्र का मार्गदर्शन करने वाले लोकतंत्रात्रिक सिद्धांतो की याद दिलाता है। संवैधानिक आदर्शों के बारे में जागरूकता पैदा करने के इस प्रयास के तहत हमारा संविधान हमारा सम्मान अभियान शुर किया गया है।

हमारा संविधान, हमारा सम्मान अभियान

इस प्रतिबद्धता के अनुरूप 24 जनवरी 2024 को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में डाॅ बी.आर. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र में शुरु किए गए हमारा संविधान हमारा सम्मान, अभियान के उद्देश्य संविधान के बारे में नागरिकों की समझ को गहरा करना है। साल भर चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य भारतीय समाज को आकार देने में संविधान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में शिक्षित करना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संविधान के मूलभूत सिद्धांत हर भारतीय के साथ जुड़े रहे।

अभियान निम्नलिखित लक्ष्यों को बढ़ावा देता है

संविधान जागरूकता का निर्माण
कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को बढ़ावा देना
उप-अभियान और विषयगत पहल सबको न्याय, हर घर न्याय
नव भारत, नव संकल्प
संविधान दिवस अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चों को चित्रकला पोस्टर हस्तशिल्प मानव श्रृंखला निर्माण प्रभात फेरी निबंध लेखन वाद-विवाद भाषण प्रतियोगिता संविधान से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी क्यूज प्रतियोगिता आयोजन किया गया। इस अवसर शिक्षक परसराम साहु दीनदयाल अटल सुनिल कुमार अलेन्द्र नारदराम भुआर्य भूमिका मोवाड़े उपस्थित रहे।

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