मेड़की के मुक्तिधाम सुविधाओं के नाम पर आंसू बहा रहा है,पंचायत के सरपंच सचिव विकास की ओर नहीं दे रहे ध्यान,ग्रामीणों में आक्रोश

परस साहू,बालोद। बालोद जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर ग्राम मेड़की की मुक्ति धाम बरसात में खेत में रोपा लगाने लायक तस्वीर सामने आई है,क्या कलेक्टर साहब आपके जनपद के अधिकारी इस मुक्ति धाम का करेंगे निरीक्षण? यहां दाह संस्कार के समय चिता जलने लकड़ी ले गए इसका ट्रैक्टर वह भी टोचन के सहारा लेकर बाहर निकाल गया।आपको बता दें कि ग्राम पंचायत ओरमा में लगभग 18 से 20 साल से पदस्थ पंचायत सचिव संतोष साहू के मार्गदर्शन में प्रशासनिक कार्य एवं निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं देखरेख के अभाव में आज मुक्ति धाम अपने आप में बदहाली का आंसू बहा रहा है। विडंबना इस बात की है कि बालोद जिल निर्माण 2012 के बाद लगभग 8 से 10 कलेक्टर बदल चुके हैं परंतु ग्राम पंचायत ओरमा जैसे एक पंचायत में लगभग 18 से 20 साल तक पंचायत सचिव अपना सेवाएं दे रहे हैं फिर भी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम मेड़की में मुक्तिधाम आज अपने आप में जनप्रतिनिधि के उदासीनता एवं पंचायत सचिव की लापरवाही दर्शा रहा है। कभी किसी के शोक कार्यक्रम में बरसात में जाएं तो लोग तरह-तरह के इस मुक्तिधाम के बारे में आलोचनाओं करते रहते हैं। जबकि इसकी जीता जागता उदाहरण यह है कि ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि की लापरवाही के चलते ही स्थिति पैदा हो रही है। उक्त मामले में आज हमारे संवाददाता ग्राम पंचायत ओरमा पहुंचे जहां पर रोजगार सहायक उपस्थित मिली। रोजगार सहायक ने बताया कि पंचायत सचिव नहीं आए हैं। उक्त मामले में हम मोबाइल से भी संपर्क करने की कोशिश किया गया। लेकिन पंचायत सचिव संतोष साहू का फोन कवरेज एरिया से बाहर बताया । 5 साल की भूपेश कार्यकाल में नहीं हुए कोई अच्छे से मुक्तिधाम का विकास कार्य एवं सुंदरीकरण लेकिन भाजपा के 9 माह के सुशासन के कार्यकाल में भी अधिकारी निरीक्षण करना उचित नहीं समझ रहे हैं। यह मूलभूत सुविधा में से एक आता है। मुक्तिधाम में भी दलदल व कीचड़ से परेशान है । ग्रामीण मुक्तिधाम की स्थिति देखकर ग्रामीण काफी आक्रोश नजर आए वही मुक्ति धाम में सामाजिक तत्वों का भी डेरा लगा रहता है जैसे शराब जुआ ,सट्टा ,गंज ,जैसे सामाजिक तत्वों का डेरा लगने के कारण या प्रतीक्षालय भी जर्जर स्थिति में आ गए हैं। गांव में प्रतिष्ठित किराना व्यवसाय के मां के निधन के पश्चात ग्रामीण आसपास के रिश्तेदार व व्यापारी एवं अन्य मेहमान जब उस मुक्तिधाम पहुंचे तो ग्राम पंचायत के विकास की पोल खुली।

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