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टिकरी में नहीं थमा डायरिया का प्रकोप, अब कैसे हो गई पति पत्नी की मौत! जांच में जुटी प्रशासन

वामन साहू,अर्जुन्दा/बालोद।अर्जुन्दा नगर से लगे ग्राम टिकरी में पिछले चार दिनों से डायरिया का प्रकोप जारी है। गुरुवार को पति पत्नी की मौत हो गई। मौत की जगह डायरिया से होने की चर्चा है। विभागीय जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। लोगों के घरों में नल जल योजना के तहत सप्लाई किए जाने वाले पानी में कीड़े आ रहे हैं। बावजूद इसके ना तो पंचायत ने इसकी सुध ली और ना ही प्रशासन ने। जिसका नतीजा आज पति पत्नी की मौत के साथ देखने को मिल रहा है।

पंचायत की लापरवाही उजागर

ग्रामीणों ने बताया ग्राम पंचायत की लापरवाही के चलते टिकरी गाँव में डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन डायरिया के नये नये मरीज़ सामने आ रहे है। बता दें कि जिस बोर से पीने के पानी की सप्लाई पूरे गाँव में की जाती है वहाँ पर ग्राम पंचायत की ओर से नाली बना दिया गया है। जिसके चलते वहाँ नाली का गंदा पानी जाम हो गया है और वही गंदा पानी नल जल योजना के तहत गाँव में पहुँचाए जा रहे पानी के साथ घरों तक पहुँच रहा है। जिसके चलते डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।

पीएचई विभाग ने निभाई औपचारिकता

टिकरी में डायरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पीएचई विभाग की ओर से महज़ औपचारिकता पूरी की गईं और पीने के लिए सप्लाई होने वाले पानी में दवाई डाल दिया गया लेकिन गंदे पानी को पेयजल के साथ सप्लाई रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।

100 से अधिक मरीज़ आ चुके सामने

लगातार डायरिया के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गाँव में कैंप लगाकर मरीज़ों की पहचान की जा रही है और उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो अब तक टिकरी गाँव में डायरिया के 100 से अधिक मरीज़ सामने आ चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िरकार कब डायरिया का प्रकोप टिकरी गाँव में थमेगा।

आख़िर पति पत्नी की मौत का ज़िम्मेदार कौन

शुरुआत में डायरिया का प्रकोप बढ़ने लगा उसके बाद से ही सुधार कार्य शुरू कर देना चाहिए। लेकिन बढ़ते मरीज़ों के बाद भी अभी तक पंचायत और प्रशासन नींद से नहीं जाग पाया है। पंचायत और पीएचई विभाग की लापरवाही चलते 75 वर्षीय धनराज कुर्रे और 70 वर्षीय उर्मिला बाई की मौत हो गई है लेकिन डायरिया से हुई है कि नहीं स्पष्ट नहीं कह सकते हैं।

पति की सेवा करते पत्नी ने गँवाई जान

बता दें कि 75 वर्षीय धनराज कुर्रे को 22 सितंबर को उल्टी दस्त की शिकायत हुई। जिसके बाद वह इलाज के लिए अर्जुंदा के शासकीय अस्पताल पहुँचे। जहां उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें राजनांदगाँव रेफ़र कर दिया गया। धनराज के साथ उनकी पत्नी उर्मिला भी गई। जहां पति की सेवा करते पत्नी भी डायरिया की चपेट में आ गई। गुरुवार को सुबह लगभग 8 बजे धनराज की मौत हो गई जिसके एक घंटे बाद उनकी पत्नी उर्मिला ने भी दम तोड़ दिया लेकिन पति पत्नी का एक साथ मौत का वजह डायरिया है या कुछ और डाक्टर रिपोर्ट पर ही पता चलेगा।

अहिल्या चुरेंद्र, सरपंच टिकरी ने कहा कि अभी दवाई डाला गया है। पूर्व में खबर प्रकाशन के बाद जेसीबी के माध्यम से लिकेज वाले स्थान को खोदकर सुधार करने का प्रयास किया गया था। लेकिन बोर चालू बंद करने वाले ऑपरेटर ने अलग तरीक़े से सुधार करने की बात कहते हुए मना कर दिया। वर्तमान में जिस बोर से गंदा पानी आ रहा था उस पानी की सप्लाई रोककर टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। समान आ चुका है जल्द सुधार काम शुरू हो जाएगा। सुक्रांत साहू, ईई पीएचई ने कहा कि पुरानी पाइपलाइन होने के कारण डायरिया का प्रकोप हुआ है। इसके सुधार के लिए ग्राम पंचायत के सहयोग की आवश्यकता है।विभाग की ओर से पानी को साफ़ करने के लिए दवाई मिलाया गया है। जल्द ही सुधार कर लिया जाएगा।

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