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ग्राम दर्रा टोला बना राजस्व ग्राम, ग्रामीणों में खुशी की लहर, मनाया राजस्व तिहार

देवलाल ठाकुर ने कहा: विष्णु देव साय की सरकार में काम होत है साय साय

डौंडी। ग्राम दर्रा टोला डोंडी विकास खण्ड का वह ग्राम है जो राजस्व ग्राम नही था जिसके कारण से ग्राम वासियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से ही ग्रामवासी अपने गांव को राजस्व ग्राम बनाने के लिए भाग दौड़ जारी कर दिया। सालो राजस्व ग्राम बनवाने ग्रामीणों ने संघर्ष किया। तहसीलदार अनुविभागीय अधिकारी जिला कलेक्टर संभाग कमिश्नर सभी के पास जाकर आंदोलन करते रहे। काफी समय से प्रकरण पेंडिंग रहा। पर ग्रामीणों का संघर्ष जारी रहा। ग्रामीणों ने मिलकर गांव में राजस्व ग्राम के संघर्ष के लिए समिति बनाई। जिसमे देव प्रसाद आर्य, जोहन भंडारी अंजोरी धलेंद्र रामेश्वर कोसमा खेदूराम कोसमा के नेतृत्व में फिर एक बार संघर्ष जारी हुआ।


2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी देवलाल ठाकुर के समक्ष ग्राम वासी ने राजस्व ग्राम बनाने की बात रखी। तब ठाकुर ने कहा था भाजपा की सरकार बनते ही दर्रा टोला को राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त होगा। तब ग्रामीणों में नई आश बनी और आज भाजपा सरकार विष्णु देव साय की सरकार में ग्राम दर्रा टोला राजस्व ग्राम बना। इस खुशी में सभी ग्राम वासी ने गांव में राजस्व तिहार मनाया। इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे जिला पंचायत के प्रथम अध्यक्ष देवलाल ठाकुर ने कहा जब ले बने है हमर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , सबके काम होत हवे साय साय। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से आप लोग राजस्व ग्राम की मांग करते आ रहे है और वही राज्य बनने के बाद से आदिवासी समाज आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग करते आ रहे थे। 2023 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में छत्तीसगढ़ को आदिवासी समाज से मुख्यमंत्री दिया। जिसके लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा का आदिवासी समाज आभार करती है। आज आदिवासी अंचल की समस्याओं को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समझ रहे है। जिसका परिणाम आप लोगो के सामने वर्षो पुरानी मांग पर ग्राम दर्रा टोला राजस्व ग्राम बन गया। सभा को जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथलेश नूरेटी, जनपद सदस्य संजय बैस ने भी संबोधित किया और विष्णु देव साय सरकार की कार्यो की सराहना किया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से बलवंत साहू ललिता पोर्ते अनिल सुथार बोरकर पवन बाई देव प्रसाद खेदूराम अंजोरी राम सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एव आदिवासी समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

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